देर रात तक भोपाल महिला थाने में दर्ज हुए प्रीति के परिजनों के बयान

भोपाल। मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले में गुरूवार देर रात तक महिला थाने में गहमागहमी का माहौल बना रहा। बयान दर्ज कराने पहुंचे परिजनों ने बताया कि मंत्री के बेटे गिरजेश प्रताप सिंह ने मेरी बेटी प्रीति रघुवंशी से पिछले साल शादी कर ली थी, लेकिन वह अपने परिवार को नहीं मना पा रहा था। जब गिरजेश के परिजनों को इस बात का पता चला तो उन्होंने हमारे साथ गलत व्यवहार किया। इन सब बातों की वजह से प्रीति तनाव में आ गई और उसने ये कदम उठा लिया। भोपाल के महिला थाने में गुरुवार देर रात तक चले बयान में प्रीति के परिजनों ने पुलिस को कुछ ऐसा ही बताया। रात करीब सवा 11 बजे तक उनके बयान दर्ज नहीं हो सके थे। इस दौरान रात करीब 11:30 बजे प्रीति के पिता चंदनसिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें एम्बुलेंस से जेपी अस्पताल ले जाया गया।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस मंत्री रामपाल सिंह और गिरजेश को बचा रही है। पुलिस भी नए-नए बहाने बनाकर उनके बयान दर्ज नहीं कर रही है। उन्हें चक्कर लगवाए जा रहे हैं। जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव प्रीति के परिजनों से मिले थे तो उन्होंने अपनी समस्या से अवगत कराया था। जिसके बाद गुरूवार शाम को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह प्रीति के माता-पिता को लेकर डीजीपी से मुलाकात कराने पहुंचे थे। पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने पर डीजीपी ने चंदनसिंह से उनके बयान राजधानी के महिला थाना में दर्ज कराने को कहा था। रात 8:30 बजे प्रीति के परिवार वाले कांग्रेस नेता केके मिश्रा के साथ महिला थाने पहुंचे। इनमें उसके माता-पिता के अलावा चाचा-चाची और दो भाई सौरभ और नीरज भी थे। इस बीच पुलिस मुख्यालय से एसपी रायसेन से जांच अधिकारी को भोपाल भेजने को कहा गया। बयान दर्ज करने के लिए रायसेन से एएसपी किरण केरकट्टा, एसडीओपी राजाराम साहू महिला थाने पहुंच गए थे। एएसपी रायसेन किरण किरकेट्टा करीब साढ़े नौ बजे पहुंचीं, लेकिन जांच से जुड़े एसडीओपी आरआर साहू को पहुंचने में 10 बज गए। उनके आने के करीब आधे घंटे बाद परिजनों के बयान शुरू हो सके।

अचानक प्रीति की पिता की बिगड़ी तबीयत
बयान दर्ज कराने के दौरान अचानक प्रीति के पिता चंदन सिंह की तबीयत खराब हो गई। ज्यादा तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें तुरंत एंबुलेंस के द्वारा जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चंदन सिंह ने कहा की पुलिस ने ढाई घंटे तक मुझसे इधर-उधर की बातें की लेकिन बयान दर्ज नहीं किए। थाने में पुलिस ने कुछ पीने को दिया उसके बाद तबीयत बिगड़ गई। लेकिन में एफआईआर करा कर ही मानूंगा।

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