संसद के दोनों सदनों में गतिरोध जारी, बैठक दिनभर के लिए स्थगित

नई दिल्ली,। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के चौदहवें दिन भी संसद के दोनों सदनों में कामकाज न हो सका। लोकसभा में विपक्षी दल के हंगामे के कारण एक बार के स्थगन के बाद बैठक दिनभर के लिए स्थगित हो गई| उधर, राज्यसभा में केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी (संशोधन) विधेयक को ध्वनिमत से पारित करने के बाद विपक्षी हंगामें के कारण बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

गुरुवार को सुबह लोकसभा की बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक व तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर अपनी-अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। इसके कारण लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कुछ देर बाद ही बैठक 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। अन्नाद्रमुक के सदस्य कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग कर रहे थे, जबकि टीआरएस के सदस्य तेलंगाना को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे। तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े रहे।

दोबारा सदन की बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने की कार्यवाही पूरी की। इस बीच, ससंदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने विपक्षी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपनी सीटों पर लौट जाएं और सदन की कार्यवाही चलने दें। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बैंकिंग अनियमितता और दूसरे मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। यहां तक की अविश्वास प्रस्ताव पर भी मोदी सरकार चर्चा को तैयार है। सरकार के पास सदन में बहुमत है और जनता का विश्वास भी हासिल है।

श्री कुमार के आग्रह का सदस्यों पर कोई असर न पड़ा और सदन में हंगामे की स्थिति बरकरार रही। श्रीमती महाजन ने सदस्यों को अपनी सीटों पर लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी सदस्य अपनी सीटों पर नहीं जाते और सदन में व्यवस्था नहीं बनती तब तक वह अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन वाले 50 सदस्यों की गिनती नहीं कर सकतीं। श्रीमती महाजन के इतना कहते ही कांग्रेस, वाम दल, तृणमूल कांग्रेस, राजद व बीजू जनता दल के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर शोरगुल करने लगे। हंगामा बढ़ता देख लोकसभा अध्यक्ष ने बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

उधर, राज्यसभा में बैठक शुरू होते ही सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए । इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों के हित से जुड़े ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी (संशोधन) विधेयक को पारित होने के लिए सदन के पटल पर रखा गया। सत्तापक्ष के साथ ही विपक्ष ने नरम रुख अख्तियार करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से पारित कराया। इसके बाद अन्नाद्रमुक, टीडीपी के सदस्य अपनी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे। श्री नायडू ने सदन में हंगामा बढ़ता देख बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY