झारखंड सरकार ने 221 बंदियों को रिहा करने का लिया फैसला

रांची। झारखंड सरकार ने आजीवन कारावास की सजा प्राप्त ऐसे 221 बंदियों को रिहा करने का फैसला किया जिन्होंने जेल में बीस वर्ष से अधिक का समय बिता लिया है और उनका आचरण अच्छा रहा है। राज्य सरकार की सजा पुनरीक्षण परिषद् ने यह निर्णय आज मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। राज्य के आदिवासी सीधे सरल होते हैं।
कई बार भावनाओं में आकर किये गए उनके अपराध के बाद खुद ही आत्मसमर्पण करने तथा बेहतरीन आचरण वाले मामलों में 20 साल की सजा काट चुके लोगों की रिहाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन लोगों को फिर से नया जीवन शुरू करने का मौका मिलना चाहिए। इससे जेल में अच्छा व्यवहार कर रह कैदियों को अच्छे आचरण का प्रोत्साहन भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सजा पूरी कर या जमानत पर रिहा हुए ऐसे बंदियों/आरोपियों पर प्रशासन अवश्य कड़ी नजर रखे जिन पर आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के आरोप हैं। बैठक में आजीवन कारावास की सजा प्राप्त 233 बंदियों की मुक्ति के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इनमें से 221 को रिहा करने का निर्णय लिया गया।

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