फेसबुक डाटा चोरी में प्रभावित हुए यूजर्स को मिलेगा नोटिस, जानें क्या होगा विकल्प

नई दिल्ली। फेसबुक के डाटा चोरी मामले में आपका डाटा चोरी हुआ था या नहीं, अब इसकी जानकारी आपको मिलेगी। कैंब्रिज एनलिटिका स्कैंडल में चोरी हुए फेसबुक डाटा की अब पूरी जानकारी दी जाएगी। इस स्कैंडल में करीब 87 मिलियन फेसबुक यूजर्स का डाटा चोरी हुआ। अब इन सभी यूजर्स को अपनी न्यूज फीड में इस बारे में मैसेज मिलेगा। फेसबुक का कहना है की 70 मिलियन से अधिक प्रभावित यूजर्स यूएस से हैं। वहीं, फिलीपीन्स, इंडोनेशिया और यूके में 1 मिलियन प्रति यूजर्स प्रभावित हुए हैं।

प्रभावित यूजर्स को मिलेगा नोटिस: इसी के साथ 2.2 बिलियन फेसबुक यूजर्स को नोटिस मिलेगा। इस नोटिस का टाइटल ‘प्रोटेक्टिंग योर इनफार्मेशन’ होगा। इसके साथ एक लिंक भी दिया जाएगा। इस लिंक में जानकारी होगी की वो किन एप्स का प्रयोग करते हैं और किन एप्स के साथ उन्होंने अपनी जानकारी शेयर की हुई है। इसके बाद अगर यूजर्स चाहें तो हर एक एप को शट ऑफ कर सकते हैं या थर्ड-पार्टी एक्सेस को पूरी तरह से बंद भी कर सकते हैं।

अब तक हुए किसी भी डाटा चोरी मामले में से फेसबुक का यह स्कैंडल सबसे बड़ा रहा है। इस मामले में फेसबुक प्रमुख मार्क जकरबर्ग ने माफी भी मांगी है। इसके बाद फेसबुक के सुरक्षा मानकों में भी बदलाव किए गए हैं।

इंडोनेशिया में शुरू हुई जांच: इंडोनेशिया सरकार ने शुक्रवार को जानकारी दी कि देश के नागरिकों की प्राइवेसी में सेंध लगाने वाले फेसबुक की जांच की जा रही है। देश के सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि इसने नेशनल पुलिस चीफ को इंडोनेशिया में निजता संबंधित कानूनों के संभावित उल्लं घन मामले में जांच के लिए कहा है। इससे एक दिन पहले ही फेसबुक ने 1 मिलियन से अधिक इंडोनेशियाई नागरिकों के व्यैक्ति गत डेटा की जानकारी कैंब्रिज अनालिटिका को होने की संभावना जतायी थी।

सेटिंग में किए गए बदलाव: फेसबुक के अनुसार, मोबाइल एप और प्राइवेसी सेटिंग में बड़े बदलाव किए गए हैं। यूजर्स डाटा सेटिंग और टूल्स को आसानी से खोज सकेंगे और फेसबुक से अपना निजी डाटा आसानी से हटा भी सकेंगे। यही नहीं सेटिंग्स मेन्यू को भी पूरी तरह बदल दिया गया है ताकि लोगों को इसे खोजने में किसी दिक्कत का सामना करना नहीं पड़े।

डाटा रेगुलेशन की सख्त जरुरत: फेसबुक के फिलहाल 2.1 बिलियन यूजर्स एक्टिव हैं। इनमें से 1.4 बिलियन यूजर्स रोजाना साइट का इस्तेमाल करते हैं। सोशल नेटवर्किंग साईट होने के चलते इस पर लोग नियमित तौर पर अपने विचार, फोटोज और लाइफ इवेंट्स शेयर करते हैं। इससे फेसबुक के पास किसी भी कंपनी या व्यक्ति की हाई रिजोल्यूशन पिक्चर और जानकारी साझा हो जाती है। यह जानकारी लीक होने पर इसका कई बड़े स्तर पर गलत तरह से प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है की क्या आने वाले समय में प्राइवेसी प्रोटेक्शन और डाटा रेगुलेशन को लेकर कानून बनाए जाएंगे या नहीं? क्योंकि इस बड़े डाटा चोरी के मामले के बाद यूजर्स की निजी जानकारी की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कानूनों की सख्त जरुरत लगती है।

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