शबाना आजमी बोलीं, मेरे पिता के शब्द मेरे लिए मंत्र बन गए हैं

मुंबई। जानी मानी अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि वह छोटे शहरों एवं गांवों से आये लोगों को रोजगार के मौके उपलब्ध कराकर अपने पिता एवं मशहूर शायर कैफी आजमी के नक्शेकदम पर चल रही हैं। 67 वर्षीय अभिनेत्री एनजीओ‘ मिजवान वेलफेयर सोसाइटी’ (एमडब्ल्यूएस) चलाती हैं। इस एनजीओ की शुरूआत उनके पिता ने ही की थी। अभिनेत्री ने अपने एनजीओ के माध्यम से कहा कि देश में समग्र आर्थिक विकास लाने के लिये उन्होंने ग्रामीण इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता मानते थे कि भारत की शानदार आर्थिक प्रगति सिर्फ तभी अर्थपूर्ण हो सकती है जब यह ग्रामीण भारत तक पहुंचे, जहां80 फीसदी आबादी रहती है लेकिन उन्हें मौके उपलब्ध नहीं होते।’ उन्होंने कहा, ‘जिन वंचितों और बेसहारों के लिये मैं काम करती हूं, उनके कहे शब्द उस काम में मेरे लिये मंत्र बन गये। जब कैफी साहब ने मिजवान( उत्तर प्रदेश में एक गांव) से अकेले यात्रा शुरू की थी तब भारत के नक्शे पर कोई इस गांव को जानता तक नहीं था। लेकिन आज मिजवान को सारी दुनिया जानती है।’

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