दलितों के घर भोजन करने वाले बीजेपी नेता उन्हें अपने घर भी बुलायें : संघ

उत्तर प्रदेश में भाजपा के मंत्रियों और नेताओं का दलितों के घर जाकर रात्रिभोज करने का कार्यक्रम जारी है। हालांकि इसे लेकर विवाद भी हो रहे हैं क्योंकि हाल ही में राज्य सरकार के एक मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कह दिया कि जिस तरह श्रीराम ने शबरी के घर बेर खाकर उसे धन्य किया था वैसे ही हम भी दलितों के घर भोजन कर उन्हें धन्य कर रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य मंत्री सुरेश राणा जब दलितों के घर पहुँचे तो बाहर से खाना लेकर पहुँचे और इसकी तसवीरें जब सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो कह दिया कि खाना कम पड़ गया था इसलिए बाहर से मँगवाना पड़ गया।

इन सब गतिविधियों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नजर रखे हुए है। संघ सूत्रों की मानें तो सरसंघचालक मोहन भागवत ने संगठन के लोगों से कहा है कि दलितों के घर जाकर भोजन करना तो ठीक है लेकिन यह दोतरफा होना चाहिए। यानि दलितों को भी नेता और मंत्री अपने घर बुलाकर भोजन कराएं तभी समरसता बढ़ेगी और दलित हमारे करीब आएंगे। संघ प्रमुख ने साफ निर्देश दिया है कि नेता दलितों का अपने घर पर स्वागत खुले दिल से करें।

इस बीच केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी दलितों के घर जाकर भोजन करने के पार्टी के अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया करते हुए कहा है कि मैं तो दलितों को अपने घर बुलाकर भोजन कराती हूँ और वह डायनिंग टेबल पर मेरे साथ बैठते हैं जिन्हें हमारे परिवार के लोग भोजन परोसते हैं। उन्होंने कहा है कि हम भगवान श्रीराम नहीं हैं जो दलितों के घर जाकर उन्हें पवित्र कर दें बल्कि दलित हमारे घर भोजन करके हमें पवित्र कर सकते हैं।

अब उम्मीद की जा सकती है कि जल्द ही भाजपा नेताओं और मंत्रियों के घरों पर दलितों को भोजन कराने का अभियान शुरू किया जायेगा। माना जा रहा है कि इसकी शुरुआत खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे जो दलितों के लिए जल्द ही भोज आयोजित कर सकते हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY