महिला कांग्रेस में भी होंगी 5 कार्यकारी अध्यक्ष, हाईकमान ने जारी किया आदेश

भोपाल । विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अपने संगठनात्मक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त करने में कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती। महिला कांग्रेस को ज्यादा सक्रिय और मजबूत बनाने के लिए पार्टी हाईकमान ने प्रदेश महिला कांग्रेस में 5 कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों से जहां एक तरफ कांग्रेस के महिला विंग के ज्यादा प्रभावी होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इनका विरोध भी होने लगा है।

प्रदेश कांग्रेस को मजबूती देने और जातीय गणित को अपने पक्ष में रखने के लिए 4 कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। इसी तर्ज पर अब महिला कांग्रेस में भी 5 कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त की गई हैं। इनके नियुक्ति आदेश एआईसीसी द्वारा जारी किए गए हैं। एआईसीसी द्वारा दीप्ति सिंह, वंदना मंडारे, कविता पांडे, तलविंदर गुजराल और यासमीन को प्रदेश महिला कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। फिलहाल इन कार्यकारी अध्यक्षों में से किसे, क्या जिम्मेदारी दी गई है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। नई नियुक्तियों के बारे में प्रदेश महिला कांग्रेस की महामंत्री गीता मिश्रा का कहना है कि एआईसीसी द्वारा की गई इन नियुक्तियों से महिला कांग्रेस और ज्यादा मजबूत होकर उभरेगी तथा आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उसका प्रदर्शन पहले से ज्यादा प्रभावी होगा।

उठने लगे विरोध के स्वर: यह माना जा रहा है कि एआईसीसी द्वारा महिला कांग्रेस में नई नियुक्तियां संगठन में गुटबाजी और असंतोष जैसी चीजों को मिटाने के लिए की गई हैं। लेकिन नई नियुक्तियों के बाद से अंदरखाने जिस तरह की प्रतिक्रिया जताई जा रही है, उससे लगता है कि इन नियुक्तियों से असंतोष और भड़क सकता है। महिला कांग्रेस में सबसे ज्यादा आपत्तियां तलविंदर गुजराल और कविता पांडे की नियुक्तियों को लेकर है। कहा जा रहा है कि इन दोनों ही महिला नेत्रियों का जमीन पर काम, व्यवहार और अब तक का प्रदर्शन इस स्तर का नहीं रहा है कि उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी दी जा सके। इसीलिए महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर हैरानी है।

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