कारोबारी जंग में चीन को सूअर के मांस के आयात में बेबसी चुभ रही है

लॉस एंजेल्स । चीन को कारोबारी जंग में अमेरिका से आयातित खाद्य उत्पादों में सोया के बाद सूअर के मांस के आयात पर मुंह की खानी पड़ रही है। अमेरिका से आयात करने वाली चीनी कम्पनी के शेयर की क़ीमतों में दस प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। चीन ने गत 22 मार्च को सूअर के मांस के विभिन्न उत्पादों पर 6 जुलाई से सीमा शुल्क में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अब उसे अपने घर में इन दोनों खाद्य उत्पादों की कमी कचोटने लगी है। चीन ने पिछले साल अमेरिका से तीन लाख टन सूअर का प्रसंस्कृत मांस ख़रीदा था। सूअर के मांस के 128 विभिन्न उत्पाद हैं।

चीन को इतनी बड़ी मात्रा में सूअर का प्रसंस्कृत उत्पाद मिलने में कठिनाई हो रही है। अमेरिका से सूअर का मांस आयात करने वाले देशों में चीन एक बहुत बड़ा ख़रीदार है। चीन के बाद अमेरिकी सूअर के माल का निर्यात जापान को जाता है। चीन को अपने मित्र इस्लामिक देशों- पाकिस्तान, बांग्लादेश और खाड़ी देशों के अलावा भारत में मुस्लिमों की एक बड़ी आबादी व शाकाहारी लोगों की भारी तादाद की वजह से उपयुक्त मात्रा में सूअर के सभी प्रसंस्कृत उत्पादों के मिलने में कठिनाई हो रही है।

भारत ख़ुद बेल्जियम, श्रीलंका, इटली और नीदरलैंड आदि देशों से आयात करता है, जो पांच तारा होटल, रेस्तरां में जाता है। उत्तर पूर्वी राज्यों, बिहार, पश्चिम बंगाल, गोआ और केरल में इसकी खपत ज़्यादा है। चीन के लिए अमेरिका से सूअर के मांस का आयात हांगकांग स्थित एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी डब्ल्यू एच अपनी एक अमेरिकी साझीदार ‘स्मिथ फ़ील्ड’ के मार्फ़त करती है। माल की कमी के कारण इसके शेयर की क़ीमत दस प्रतिशत गिर गई है। चीन ने गत 22 मार्च को इस अमेरिकी उत्पाद पर 25 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाया था। स्मिथ फ़ील्ड कम्पनी के चेयरमैन सुलीवान ने दावा किया है कि इसकी दुनिया में 40 मंडियां हैं। वह जल्द ही व्यवस्था कर लेंगे।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY