गुना में उत्कृष्ट सड़कों के नाम पर करोड़ों गए पानी में

गुना । मुख्यमंत्री अधोसंरचना के नाम पर शहर के दो प्रमुख मार्गों एबी रोड और हाट रोड को उत्कृष्ट मार्ग के रुप में तब्दील करने के नाम पर करोड़ों बहा दिए गए है। आलम यह है कि सड़कें उखड़ गईं हैं। जिस उद्देश्य सौन्दर्यीकरण और चौड़ीकरण को लेकर इन मार्गों को उत्कृष्ट बनाया गया था, वह भी फिलहाल पूरा होते नहीं दिख रहा है। दोनों मार्गों पर जैसे कब्जे पहले थे, आज भी वैसे ही है। अस्थाई-स्थाई अतिक्रमण और बेहद घटिया निर्माण ने इस पूरी योजना के क्रियान्वयन को ही सवालों के घेरे में ला दिया है।

कई जगह से उखड़ी उत्कृष्ट सड़क
नगर के बीचों-बीच से निकले आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग को उत्कृष्ट सड़क के रुप में विकसित किया गया था। इसके बाद मार्ग जगह-जगह से उखड़ गया है।। कई स्थानों पर जहां मार्ग पर गिट्टी दिखाई देने लगी है तो अनेक जगह सड़क उखड़ी हुई भी देखने को मिलती है। पुरानी जज्जी से लेकर तेलघानी तक यह स्थिति कई जगह पर है, जबकि बीच-बीच में इसकी मरम्मत भी होती रही है।

हाट रोड में भी उभरकर आए गड्ढे
हाट रोड को उत्कृष्ट सड़क के रुप में तब्दील किए जाने का दावा किया गया था, किन्तु रोड की वर्तमान स्थिति यह है कि जगह-जगह मार्ग पर गिट्टी निकल आई है तो कुछ स्थानों पर यह गड्ढ़े का रुप ले चुकी है। मंडी के सामने तो इसके चलते गहरा गड्ढा हो चुका है। यह स्थिति अभी हाल ही में भी नहीं हुई है, बल्कि जिस समय इसका निर्माण किया जा रहा था, तभी से यह उखडऩे लग गई थी। हनुमान चौराहे से लेकर नीचला बाजार तक कई स्थानों पर घटिया निर्माण उत्कृष्ट सड़क निर्माण के दावे के मुँह चिढ़ाता दिख जाएगा। इसके साथ ही सड़कें के साथ बना नाला भी उत्कृष्ट निर्माण की पोल खोल रहा है।

कब्जों से नहीं मिला छुटकारा

एबी रोड और हाट रोड को उत्कृष्ट सड़क के रुप में विकसित किए जाने के पीछे उद्देश्य सौन्दर्यीकरण और चौड़ीकरण का था। जिससे मार्गों पर आवागमन में तो कोई परेशान हो ही नहीं, साथ ही देखने में भी मार्ग सुन्दर लगें। किन्तु योजना के क्रियान्वयन के लंबे समय बाद भी आलम यह है कि योजना के दोनों ही उद्देश्य पूरे होते नहीं दिख रहा है। दोनों ही मार्ग देखने से कहीं से भी उत्कृष्ट नजर नहीं आ रहे है। दोनों ही मार्गों पर कब्जे पहले की तरह यथावत बने हुए है। उत्कृष्ट सड़क के साथ दोनों ओर जो नाला बना था, उस पर दुकानदारों ने कब्जा जमा लिया है। निर्माण के समय यह कब्जे हटाए गए थे, किन्तु निर्माण के साथ ही दुकानदार फिर नाले पर आकर जम गए। हाट रोड की तो सड़क ही इतनी घटिया बनी है कि इसे उत्कृष्ट का संबोधन देने में ही शर्म आ जाए।
भोपाल में लिया था नपा अधिकारियों ने प्रशिक्षण

सबसे मजेदार बात उक्त योजनातंर्गत यह है कि दोनों मार्गों को उत्कृष्ट करके लाजवाब बनाए जाने का दावा किया गया था और इसके लिए नगर पालिका के अधिकारियों को बकायदा भोपाल में प्रशिक्षण भी दिया गया था। अब इन अधिकारियों ने प्रदेश की राजधानी में विषय विशेषज्ञों से क्या प्रशिक्षण लिया था? यह तो वहीं बता सकते है। निर्माण की निगरानी की स्थिति यह रही कि खुद तत्कालीन कलेक्टर संदीप यादव ने निगरानी समिति का गठन कर अधिकारियों के इसकी जिम्मेदारी भी सौंपी थी। नपा के अधिकारियों को भी निर्माण की समीक्षा नियमित करने के लिए निर्देशित किया गया था। बावजूद इसके लोग निर्माण पर सवाल खड़े करते रहे और निर्माण बदस्तूर अपने ढर्रे पर चलता रहा।
होटल, दुकान, पार्किंग, स्टैण्ड सब सड़क पर
दोनों मार्गों पर अस्थाई अतिक्रमण और स्थाई अतिक्रमण का आलम यह है कि यहां होटल, दुकान, पार्किंग, स्टैण्ड सब सड़क पर ही संचालित हो रहे है। चाट, पकौड़ी, समोसे के नाश्ते के साथ खाना तक सड़क पर टेबिल लगाकर खिलाया जा रहा है। हाट रोड पर हनुमान चौराहे से लेकर नीचला बाजार तक यहीं स्थिति देखने को मिलती है, वहीं एबी रोड पर तेलघाली से लेकर पुरानी जज्जी तक भी ऐसे दृश्य आम है। इसके चलते दिन भर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है।

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