पिता का अपहरण और बेटा फ़ीफ़ा मैच के दौरान मैदान में

लॉस एंजेल्स। नाइजीरियाई फ़ुटबाल टीम के कप्तान जॉन ओबी मिकेल ने पिता के अपहरण और फिरौती की मांग के बावजूद ग्रुप स्टेज में अर्जेंटीना के साथ कैसे मैच खेला होगा, इसका बड़ा ख़ुलासा एक अख़बार ने किया है। यह ख़बर अमेरिकी मीडिया सहित दुनिया के बड़े अख़बारों में सूर्खियों में प्रकाशित हुई है।

‘दि गार्डियन’ दैनिक समाचार पत्र के अनुसार मैच शुरू होने के चार घंटे पहले ओबि मिक़ेल को पता चला कि उसके पिता का अपहरण हो चुका है और अपहरणकर्ता फिरौती के रूप में एक बड़ी मांग कर रहे हैं। साथ में ओबि मिक़ेल को यह चेतावनी भी दी गई थी कि अगर उसने इस मामले में किसी को बताया अथवा पुलिस की मदद ली गई तो उसके पिता को गोली से उड़ा दिया जाएगा। बहुचर्चित चेल्सिया क्लब के मिड फ़ील्डर ओबि उस समय अपनी टीम के साथ बस में स्टेडियम की ओर जा रहा था। उसके लिए यह घड़ी बेहद आघात पहुंचने वाली थी। उसने संयम और धैर्य से काम लिया।

इसकी भनक अपनी टीम के मैनेजर अथवा किसी खिलाड़ी को लगे बिना मैच में तन्मयता से भाग लिया। उसने फ़ैसला किया कि वह यह ख़बर उजागर कर वह नाइजीरिया के 18 करोड़ लोगों को निराश नहीं कर सकता। नाइजेरिया यह मैच अर्जेंटीना से एक के मुक़ाबले दो गोल से हार गई थी। 31वर्षीय ओबी ने पिता की सोमवार को रिहाई के बाद यह ख़बर ‘दि गार्डियन’ के खेल संवाददाता को बताई। इस कार्य में नाइजीरियाई पुलिस की मदद काम आई। उसके पिता गहरे सदमें के कारण अभी अस्पताल के इमर्जेंसी वार्ड में हैं।

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