मंदसौर दुष्कर्म केस: बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार, आईसीयू में चली पैदल

इंदौर (हि.स.)। मंदसौर दुष्कर्म की शिकार हुई सात साल की मासूम बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। बच्ची को उचित उपचार मिल रहा है, जिसके चलते वह तेजी से रिकवर रही है और सोमवार को सुबह वह आईसीयू में कुछ कदम पैदल भी चली।

सोमवार को एमवाय एमवाय अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी किए गए बुलेटिन में बताया गया कि गत 26 जून को मंदसौर में सात साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। उसे जान से मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन दूसरे दिन 27 जून को सुबह वह जंगल में झाड़ियों में पड़ी मिली थी। उसके बाद उसे प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। सोमवार को सुबह अस्पताल ने बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी किया, जिसमें बताया कि बच्ची की हालत में तेजी से सुधार होने लगा है। उसे रविवार की रात खाने के लिए दलिया दिया गया और सोमवार को सुबह दूध पिलाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्ची को वार्ड में पैदल चलवाया। वह आईसीयू में कुछ कदम तक चली।

एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. वीएस पाल ने बताया कि बच्ची फिलहाल खतरे से बाहर है और उसे सोमवार को शाम आईसीयू से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। बच्ची को अभी खाने में फल और लिक्विड दिया जा रहा है। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि रविवार को बच्ची के परीक्षण के लिए मुंबई के बाम्बे अस्पताल से विशेषज्ञों की टीम इंदौर आई थी, जिसमें पीडिएट्रिक चिकित्सक रवि रामाद्वार और मनोचिकित्सक स्वाति प्रसाद व भास्कर प्रसाद शामिल हैं। डॉ. रवि रामाद्वार ने बच्ची का चेकअप किया और मनोचिकित्सक स्वाति प्रसाद व भास्कर प्रसाद ने भी बच्ची व उसके माता-पिता की काउंसलिंग की थी। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान उसके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, तभी यह पता चलेगा कि उसकी रिकवरी किस तेजी से हो रही है।

मनोचिकित्सक स्वाति प्रसाद ने आधा घंटा बच्ची से काउंसलिंग की। इस दौरान बच्ची ने धीमे स्वर में ही सही पर उन्हें अपनी पसंद की चीजों, खिलौनों व खाने में क्या पसंद है, इसकी जानकारी दी। माता-पिता व परिवार को वह पहचान रही है। वह पसंद के गाने सुनने पर हल्की सी खिलखिलाई भी। मनोचिकित्सक ने बताया कि बच्ची सभी को पहचान रही है। वह मानसिक रूप में संतुलन में है। यह उसके स्वस्थ होने के लिए जरूरी है। उसने खाने में क्या पसंद है, कौन सा गाना पसंद है यह भी बताया। मनोचिकित्सक भास्कर प्रसाद ने बच्ची के पैरेंट्स की काउंसलिंग कर उनके मानसिक तनाव को जानने की कोशिश की।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY