देवरिया में भी मुजफ्फरपुर जैसा कांड, नारी संरक्षण गृह में होता था दुराचार

उत्तर प्रदेश के देवरिया में बिहार के मुजफ्फरपुर जैसा मामला सामने आया है जहां एक नारी संरक्षण गृह में लड़कियों के साथ यौनाचार किये जाने का खुलासा हुआ है। मामला मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह के एनजीओ का है जहां अवैध रूप से 42 लड़कियों को रखा गया था और उनसे कथित रूप से देह व्यापार करवाया जाता था। मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब संरक्षण गृह से एक बच्ची भाग कर पुलिस थाने पहुँची और सारी बात बताई।

रात में ही पड़ा पुलिस का छापा
पुलिस ने रविवार रात ही संरक्षण गृह में छापा मारा। पुलिस को वहां रजिस्टर में 42 लड़कियों के नाम मिले लेकिन छापे के दौरान वहां 18 लड़कियां गायब मिलीं। पुलिस ने लड़कियों को मुक्त कराते हुए संरक्षण गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और उसके पति मोहन को गिरफ्तार कर लिया है और उन पर मानव तस्करी, देह व्यापार और बाल श्रम से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि अनियमितताओं के कारण गिरिजा त्रिपाठी के एनजीओ की मान्यता जून-2017 में समाप्त कर दी गयी थी लेकिन अपने ऊँचे रसूख के कारण गिरिजा त्रिपाठी बालिका संरक्षण गृह का संचालन लगातार कर रही थी। ऐसी भी रिपोर्ट है कि सीबीआई ने भी संरक्षण गृह को अनियमितताओं में चिह्नित कर रखा है लेकिन संचालिका हाईकोर्ट से स्थगनादेश लेकर इसे चला रही है।

कौन है गिरिजा
बताया जा रहा है कि गिरिजा जोकि खुद भी गायिका है वह जिले के लगभग सभी बड़े अधिकारियों के साथ बना कर रखती थी शायद इसीलिए उसके खिलाफ किसी ने कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटाई। आश्चर्यजनक है कि कई बार जिला प्रोबेशन अधिकारी और बल संरक्षण अधिकारी इस संस्था से बच्चियों को हैंडओवर करने के लिए नोटिस दे चुके थे लेकिन गिरिजा त्रिपाठी बच्चियों को हैंडओवर नहीं कर रही थी।

कड़ी कार्रवाई के निर्देश
पुलिस के मुताबिक सभी लड़कियों का मेडिकल टेस्ट कराया जायेगा और सभी के बयान दर्ज कराते समय वीडियोग्राफी कराई जायेगी। पुलिस ने गायब 18 लड़कियों की बरामदगी के लिए भी टीमें बनाकर तलाश शुरू कर दी है। डीजीपी ओपी सिंह ने इस मामले पर कहा है कि अवैध संरक्षण गृह की सूचना के बाद पुलिस ने छापा मारकर 24 लड़कियों को मुक्त कराया है। एसपी देवरिया को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने भी लिया संज्ञान
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिले के बाल एवं महिला संरक्षण गृह के निरीक्षण के निर्देश दिये हैं। खास बात यह है कि देवरिया जिला गोरखपुर से एकदम सटा हुआ है जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आते हैं।

मामला क्या है?
जिले के एसपी ने बताया कि बिहार के बेतिया जिले की 10 साल की बच्ची रविवार देर शाम किसी तरह संरक्षण गृह से निकलकर महिला थाने पहुंची। वहां उसने संरक्षण गृह की अनियमितताओं के बारे में जानकारी दी। बच्ची ने बताया कि शाम 4 बजे काली और सफेद रंग की कार में लोग आते थे और वह मैडम के साथ लड़कियों को लेकर जाते थे। बच्ची ने बताया कि जो लड़की नहीं जाती थी उसे बांध कर ले जाया जाता था। उसने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि जो लड़कियां ले जायी जाती थीं वह देर रात को रोते हुए लौटती थीं और उनकी आंखें सूजी हुई होती थीं। बच्ची ने बताया कि संरक्षण गृह में भी लड़कियों के साथ गलत काम होता था। उसने यह भी बताया कि लड़कियों से झाड़ू-पोछा और बर्तन भी धुलवाए जाते हैं।

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