नीरव मोदी मामले की जांच कर रहे अधिकारियों कार्यकाल बढ़ा

नयी दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच कर रहे अधिकारी समेत चार आला अफसरों का सीबीआई में कार्यकाल बढ़ाया गया है। अधिकारियों ने आज बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी की अध्यक्षता में चयन समिति की हालिया बैठक में यह निर्णय किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक आलोक वर्मा और एजेंसी में दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी राकेश अस्थाना के बीच खींचतान की खबरों के बीच इस कदम को अहम माना जा रहा है।

मुंबई में बैंकिंग, सुरक्षा और धोखाधड़ी प्रकोष्ठ (बीएसएफसी) के डीआईजी सीएच नागराजू का कार्यकाल बढ़ाया गया है। वह हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी की संलिप्तता वाले पीएनबी घोटाले की जांच कर रहे हैं। नागराजू केरल काडर के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, नागराजू का इस साल 16 दिसंबर से 30 जून 2019 तक कार्यकाल बढ़ाया गया है।

उनकी पत्नी हर्शिता अत्तालूरी भी मुंबई में सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी शाखा की प्रमुख हैं और उनका भी इस अवधि तक कार्यकाल बढ़ाया गया है। आदेश के मुताबिक, इसके अलावा मनीष कुमार सिन्हा और जसबीर सिंह का भी कार्यकाल बढ़ाया गया है। सिन्हा बेंगलूरू में एजेंसी के बीएसएफसी में काम कर रहे हैं। उनका कार्यकाल पांच नवम्बर 2020 तक है।

सिंह नगालैंड के काडर के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कोटखई में नाबालिग लड़की से बलात्कार के बाद हत्या का मामला सुलझाया था। उनका कार्यकाल 31 जुलाई 2020 तक होगा। सीबीआई में पुलिस अधीक्षक के तौर पर चार अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।

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