आज हिन्‍दी दिवस, शिवराज ने कहा अधिक से अधिक हिन्‍दी बोलने का संकल्‍प लें

भोपाल। आज हिन्‍दी दिवस मनाया जा रहा है। स्‍कूल, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में इसे लेकर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर हमें हिन्दी की समृद्ध विरासत का बोध कराने के साथ इसे परिष्कृत करने के दायित्व का स्मरण कराता है। आइये हम सब मिलकर अधिक से अधिक हिन्दी के उपयोग का संकल्प लें। जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोत्‍तम मिश्रा ने हिन्‍दी दिवस की बधाई दी और कहा कि मध्यप्रदेश हिन्दी प्रान्त है और यहां के नागरिक हिन्दी के संवर्धन में सदैव सक्रिय, सजग रहते हैं। मप्र में हिन्दी विश्वविद्यालय भी है। आइये हम सभी मिलकर राष्ट्रभाषा की गरिमा बढ़ाएं।

हिन्दी दिवस के अलावा शायद ही दुनिया की किसी भाषा को लेकर ऐसा कोई दिवस मनाया जाता होगा। 14 सितम्बर को हिन्दी को लेकर तमाम तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सरकार खासतौर पर इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित करवाती है। सरकारी संस्थानों में 15 दिनों के हिन्दी पखवाड़े का आयोजन किया जाता है। जिनमें कर्मचारियों के बीच हिन्दी में निबंध, वाद-विवाद, भाषण, कविता इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है।
14 सितम्बर 1949 को हिन्दी को संविधान में राजभाषा के तौर पर मंजूरी दे दी, जिसकी आधिकारिक लिपि देवनागरी है। जिसके बाद साल 1953 में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा ने सरकार से 14 सितम्बर को राष्ट्रीय हिन्दी दिवस मनाने का अनुरोध किया था, तभी से 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। संविधान के आर्टिकल 343 में हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया है। भारत की अधिकांश जनता द्वारा बोली जाने वाली हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने की मांग एक लंबे अर्से से की जाती रही है लेकिन संवैधानिक रूप से इसे केवल राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। आजादी के बाद सन 1949 में 14 सितम्बर को भारत की संविधान सभा ने हिन्दी को राजभाषा का आधिकारिक दर्जा दिया था। भारत में तीन चौथाई से भी ज्‍यादा लोग हिन्दी बोलते और समझते हैं।

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