हाजीपुर से पासवान के खिलाफ चुनाव लड़ सकती है उनकी बेटी आशा

पटना। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रामविलास पासवान की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं क्योंकि इस बात की संभावना बढ़ती जा रही है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में पासवान के खिलाफ उनकी बेटी राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ सकती है। पासवान की बेटी आशा पासवान का यह ऐलान लोजपा में चल रही वर्चस्व की लड़ाई को भी उजागर करता है। आशा ने अपने पिता पर आरोप लगाया है कि वह सिर्फ अपने बेटे पर ध्यान दे रहे हैं और उन्होंने बेटियों को कभी आगे नहीं बढ़ने दिया।
उल्लेखनीय है कि पासवान के बेटे चिराग पासवान बिहार की जमुई संसदीय सीट से लोकसभा सदस्य हैं और पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
आशा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चिराग को सब कुछ दिया गया लेकिन हमें कुछ नहीं मिला। आशा रामविलास पासवान की उन दो बेटियों में से हैं जो उन्हें अपनी पहली पत्नी राज कुमारी देवी से हुई थीं। राज कुमारी देवी से रामविलास पासवान ने 1983 में तलाक ले लिया था और एक पंजाबी हिंदू महिला रीना से शादी कर ली थी। चिराग पासवान रीना के बेटे हैं।
रामविलास पासवान की बेटी आशा पासवान अपने पति अनिल साधु के साथ पटना में रहती हैं। कुछ दिनों पहले तक अनिल साधु लोक जनशक्ति पार्टी की दलित सेना की राज्य इकाई के अध्यक्ष थे, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने लोजपा को छोड़ कर राजद का दामन थाम लिया। और अब अनिल साधु कह रहे हैं कि वह भी अपने ससुर रामविलास पासवान के खिलाफ राजद के टिकट से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। साधु ने कहा कि 2019 के चुनावों में रामविलास पासवान के खिलाफ या तो मैं उम्मीदवार बनूंगा या फिर मेरी पत्नी।
अगर देखा जाये तो यह पहला मौका नहीं है जब रामविलास पासवान पर परिवारवाद को शह देने का आरोप लगा हो। पासवान की पार्टी की बात की जाये तो इसके सभी प्रमुख पदों पर पासवान परिवार का ही कब्जा है। रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस लोजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष हैं, जबकि उनका भतीजा प्रिन्स राज लोजपा की छात्र इकाई का अध्यक्ष है। इसके अलावा रामविलास पासवान के एक अन्य भाई रामचंद्र पासवान सांसद हैं और पासवान के भाई को बिहार में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले दिनों राजग की सरकार बनी तो लोजपा कोटे से कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY