धनकुबेर होने के कारण मिली कमलनाथ को कमान

भोपाल । एक तरफ तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं और इस सौदे के माध्यम से अनिल अंबानी की जेब में 30 हजार रुपये डाल देने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व ने प्रदेश में पार्टी की कमान कमलनाथ को सिर्फ इसलिए सौंप दी है कि वे धनकुबेर हैं। जबकि पार्टी में ही कई योग्य नेता मौजूद हैं। इस बात से किसी को इनकार नहीं होगा कि कमलनाथ देश के उन गिने चुने नेताओं में से होंगे जिनके पास अकूत संपदा है। उनके बारे में कहा जाता है कि वे संजय गांधी के जमाने से हेलीकॉप्टर और सैटेलाइट फोन यूज करते हैं। कांग्रेस में चुनाव अभियान प्रभारी बनाए गए ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष के लिए एक अच्छे विकल्प हो सकते थे।

सिंधिया का प्रभाव ग्वालियर अंचल से लेकर मालवा तक है। इसके अलावा उनकी छवि एक युवा नेता की है। दूसरी ओर, कमलनाथ केवल छिंदवाड़ा तक ही सिमटे नेता माने जाते हैं। प्रदेश में उनकी रुचि भी सीमित स्तर पर रही है। एक विकल्प अरूण यादव भी थे। उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर ही कमलनाथ को अध्यक्ष की गद्दी सौंपी गई है। अरूण यादव कद्दावर नेता व पूर्व डिप्टी सीएम सुभाष यादव के पुत्र हैं और खरगोन सीट से सांसद हैं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए कमलनाथ ज्यादा मुफीद नजर आए। संजय गांधी की चौकड़ी में शामिल होने के कारण कमलनाथ की एंट्री गांधी परिवार में हुई।
कमलनाथ का नाम हवाला कांड में भी आया, जिस कारण वे 1996 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाए। लेकिन उन्होंने छिंदवाड़ा से अपनी पत्नी अलका को टिकट दिलाया और वे भारी मतों से विजयी हुईं। बाद में एक साल बाद वे हवाला कांड से बरी हुए तो अलका ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। कमलनाथ इस सीट से लड़े लेकिन भाजपा के सुदंरलाल पटवा ने उन्हें पटखनी दे दी। कमलनाथ का नाम 1984 के सिख दंगों में भी आया। लेकिन सबूत न मिलने के कारण आरोप सिद्ध नहीं हो पाए। केन्द्र की कांग्रेस सरकारों में कई अहम मंत्रालय संभालने वाले कमलनाथ बिजनेस टायकून हैं।

कई कंपनियों का मालिक है कमलनाथ का परिवार
कमलनाथ और उनका परिवार अमीर परिवारों में गिना जाता है। राजसी ठाठबाट से रहने वाले कमलनाथ व उनका परिवार रियल एस्टेट से लेकर एविएशन व प्लांटेशन व हॉस्पिटैलिटी तक के कारोबार में है। यह कारोबार उनकी पत्नी अलका नाथ, उनके दोनों बेटे नकुल नाथ व बकुल नाथ संभालते हैं। उनका परिवार कई कंपनियों का मालिक है।
इनमें से अधिकांश कंपनियां ऐसी हैं जिन्हें उनका परिवार सीधे तौर पर संभालता है। कमलनाथ स्वयं गाजियाबाद स्थितइंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी के गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष हैं। कंपनियों और उनमें उनके परिवार के शेयर के बारे में पूछे गए ई-मेल का कमलनाथ की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

इन कंपनियों है परिवार की सीधे तौर हिस्सेदारी
तकरीबन 20 ऐसी कंपनियां हैं जिसमें कमलनाथ, उनकी पत्नी व उनके दो बेटों की सीधे तौर पर हिस्सेदारी है। इसमे मैग्रम एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड में कमलनाथ की 40.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मैग्रम ऐसी कंपनी है जिसमें बाकी की हिस्सेदारी उनके दोनों बेटों की है। वहीं, उनकी पत्नी अलका नाथ की अल्जो इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड में 59.01 प्रतिशत, बकुल होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड में 10.64 प्रतिशत और नकुल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड में 0.67 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बेटे बकुल की 20 में चार कंपनी छोड़कर बाकी 16 कंपनियों में सीधे तौर पर हिस्सेदारी है। उनकी बकुल होल्डिंग प्रा. लि. में 0.27 प्रतिशत, ईएमसी प्रोजेक्ट प्रा. लि. में 41 प्रतिशत, ईएमसी स्टील प्रा. लि. में 1.74 प्रतिशत, ग्रीनवैली प्रोपर्टीज में 1 प्रतिशत, ग्रीनहिल्स प्रोपर्टीज में 25 प्रतिशत, इंटरनेशनल मैनेजमेंट टेक्रोलॉजी प्रा. लि.में 0.2 प्रतिशत, मैग्रम एसोसिएट में 30 प्रतिशत, नीलकमल रियलटी प्रा. लि.में 0.5 प्रतिशत, नेटवॉन्टेज टेक्रोलॉजी प्रा. लि. में 20 प्रतिशत, रामकांता प्रोपर्टीज प्रा. लि. में 50 प्रतिशत, रॉबिन्सन प्रोपर्टीज में 50 प्रतिशत, शाका एस्टेट एंड फाइनेंस प्रा. लि. में 30.01 प्रतिशत, स्पॉन लेश्योर प्रोजेक्ट प्रा. लि. में 48.05 प्रतिशत, स्पॉन मोटल प्रा. लि. में 17.81 प्रतिशत और स्पॉन प्लान्टेशन प्रा. लि. में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
इसी तरह दूसरे बेटे नकुल नाथ की 19 कंपनियों में हिस्सेदारी है। नकुल की अल्जो इन्वेस्टमेंट प्रा. लि. में 0.03 प्रतिशत, बकुल होल्डिंग में 0.66 प्रतिशत, ईएमसी प्रोजेक्ट प्रा. लि. में 41 प्रतिशत, ईएमसी स्टील प्रा. लि. में 6.49 प्रतिशत, ग्रीन वैली प्रोजेक्ट प्रा. लि. में 1 प्रतिशत, ग्रीन हिल्स प्रोपर्टीज में 25 प्रतिशत, इन्टेंस मैनेजमेंट टेक्रोलॉजी में 50 प्रतिशत, इंटरनेशल मैनेजमेंट टैक्रोलॉजी में 0.3 प्रतिशत, मैग्रम एसोसिएट में 29.94 प्रतिशत, नकुल सिक्योरिटी में 0.77 प्रतिशत, नीलकमल टेक्रोलॉजी में 0.5 प्रतिशत, नेटवॉन्टेज टेक्रोलॉजी में 30 प्रतिशत, रामकांता प्रोपर्टीज प्रा. लि. में 50 प्रतिशत, रॉबिन्सन रियलिटी में 50 प्रतिशत, शाका एस्टेट व फाइनेंस प्रा. लि.में 30.01 प्रतिशत, शाका प्रोपर्टीज प्रा. लि.में 30.01 प्रतिशत, स्पॉन एग्रो प्रोजेक्ट प्रा. लि. में 0.2 प्रतिशत, स्पॉन लेश्योर प्रोजेक्ट प्रा. लि. में 47.96 प्रतिशत, स्पॉन मोटल में 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

दूसरी कंपनियों की भी है क्रॉस होल्डिंग
कमलनाथ व उनके परिवार की कंपनियों की दूसरी कंपनी में क्रॉस होल्डिंग भी है। स्पॉन एग्रो प्रोपर्टी प्रा. लि. की 99.8 प्रतिशत और स्पॉन एयर प्रा. लि. की 82.84 प्रतिशत हिस्सेदारी स्पॉन मोटल प्रा. लि. के पास है। इसी तरह सेन्टरी ट्रेडिंग प्रा. लि. की 0.28 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्रीनहिल्स प्रोपर्टी प्रा. लि.और 0.14 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्रीनवैली प्रोपर्टी के पास है। ईएमसी प्रोजेक्ट के पास इंटरनेशल मैनेजमेंट टेक्रोलॉजी की 47 प्रतिशत, शाका एस्टेट एंड फाइनेंस की 39.98 प्रतिशत, शाका प्रोपर्टीज की 39.98 प्रतिशत, स्पॉन एयर की 9.63 प्रतिशत और स्पॉन मोटल की 16.08 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इंटरनेशल मैनेजमेंट के पास रामकांता प्रोपर्टीज की 50 प्रतिशत, स्पॉन लेश्योर प्रोजेक्ट के पास सेन्टरी टे्रडिंग की 0.28 प्रतिशत, यूनिक टेक्रोबिल्डिंग के पास नीलकमल रियलिटी की 49.5 प्रतिशत, ईएमसी स्टील के पास सेन्टरी ट्रेडिंग की 50 प्रतिशत, ईएमसी प्रोजेक्ट की 9 प्रतिशत, ग्रीनवैली प्रोपर्टी की 50 प्रतिशत, स्पॉन एयर की 1.4 प्रतिशत और यूनिक टेक्रोलॉजी की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसी तरह शाका प्रोपार्टीज में ईएमसी प्रोजेक्ट की 9 प्रतिशत, ईएमसी स्टील की 50.95 प्रतिशत, ग्रीनहिल प्रोपर्टी की 50 प्रतिशत, इंटरनेशल मैनेजमेंट टेक्रोलॉजी की 49.3 प्रतिशत, नेटवॉन्टेज की 30 प्रतिशत, स्पॉन एयर की 6.13 प्रतिशत, स्पॉन लेश्योर की 1.99 प्रतिशत, स्पॉन मोटल की 16.63 प्रतिशत और यूनिक टेक्रोबिल्ड की 50 प्रतिशत और शाका एस्टेट एंड फाइनेंस में सेंटरी ट्रेडिंग में 50 प्रतिशत, ईएमसी प्रोजेक्ट में 27.54 प्रतिशत, ग्रीनवैली प्रोपर्टीज में 50 प्रतिशत, इंटरनेशल मैनेजमेंट टेक्रोलॉजी में 3.2 प्रतिशत, नीलकमल रियलिटी में 49.5 प्रतिशत, नेटवॉन्टेज टेक्रोलॉजी में 20 प्रतिशत, रामकांता प्रोपर्टीज 50 प्रतिशत, स्पॉन लेश्योर प्रोजेक्ट में 1.99 प्रतिशत और स्पॉन मोटल में 16.41 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।

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