लोकतंत्र में डर्टी ट्रिक्स अपना रही है कांग्रेस

भोपाल। मध्यप्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा फर्जी वोटर मामले में कांग्रेस की याचिका खारिज किए जाने को मध्यप्रदेश की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि हम लोग निर्वाचन आयोग से मांग करेंगे कि वह संवैधानिक संस्थाओं का मखौल उड़ाने वाली कांग्रेस की मान्यता समाप्त करे और उनका चुनाव चिन्ह जप्त करें। श्री सारंग आज यहां पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात कर रहे थे।
श्री सारंग ने कहा कांग्रेस 3 जून 2018 से फर्जी वोटर मामले में अफवाह फैलायी थी कि मध्यप्रदेश में सरकार और निर्वाचन आयोग ने 60 लाख फर्जी वोटर बनाए है। कांग्रेस ने सीधे-सीधे सरकारी अमले को कटघरे में खड़ा करने का काम किया था। 16 जुलाई 2018 को निर्वाचन आयोग ने 1 माह 13 दिन बाद छान बीनकर बताया कि फर्जी वोटर मामले में कुछ भी दम नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका लेकर गई थी कांग्रेस
श्री सारंग ने कहा चुनाव आयोग के विस्तृत जवाब के बाद भी कांग्रेस का मन नहीं भरा और उसके नेता कमलनाथ और सचिन पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके फर्जी वोटर मामले में दोषियों को दंडित करने की बात कही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी गयी। एक तरह से यह मध्य प्रदेश के लोगों की बड़ी जीत है।

आयोग से मिलकर कांग्रेस की मान्यता समाप्त करने की करेंगे मांग
एक सवाल के जवाब में श्री सारंग ने कहा कांग्रेस की डर्टी पॉलिटिक्स का जवाब देने के लिए हम निर्वाचन आयोग से मिलेंगे और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के लिए कांग्रेस की मान्यता और चुनाव चिन्ह जप्त करने के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा आगामी चुनाव में प्रदेश की जनता अपने अपमान का बदला कांग्रेस से लेकर रहेगी

प्रदेश की राजनीति को गलत दिशा में ले जा रही है कांग्रेस
सहकारिता राज्यमंत्री ने कहा कांग्रेस प्रदेश की राजनीति को गलत दिशा में ले जा रही है कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की जनता को फर्जी वोटर कहने का कुकृत्य किया है हम इसे जनता के बीच ले जायेंगे और जनता अपने अपमान के लिए कांग्रेस को माफ नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस के इस कुकृत्य की घोर निंदा की है। सारंग ने कहा कि फर्जी वोटर का यह मामला कहां से आया क्या उसका आधार था उसकी जांच की जाए।

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