सपाक्स को झटका, रघुनंदन शर्मा सैकड़ो साथियों सहित पुनः भाजपा परिवार में

भोपाल। सपाक्स के अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी द्वारा मुस्लिम आरक्षण की मांग किए जाने के विरोध में काला कानून विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक रघुनंदन शर्मा ने त्रिवेदी का आज साथ छोड़ दिया। वे पुनः अपने मूल संगठन भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा और पीडब्लूडी मंत्री रामपाल सिंह ने उनका परिवार में वापसी पर स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा कि हीरालाल त्रिवेदी ने मुसलमानों को आरक्षण की मांग करके संविधान विरोधी कृत्य किया है। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। हमने हीरालाल को क्या समझा था, लेकिन वे क्या निकले। इसलिए मैंने अपने 238 साथियों के साथ आज अपने परिवार में वापसी की है। रघुनंदन शर्मा परिवार में वापसी के बाद सीधे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान से मिले।

वहां मुख्यमंत्री जी ने उपस्थित सभी लोगों का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कभी भी जातियों के आधार पर कोई नीति नहीं बनायी। चाहे लाडली लक्ष्मी हो, मेधावी छात्रवृत्ति योजना हो, तीर्थदर्शन योजना हो, किसान कल्याण की योजनाएं हो या फिर संबल जैसी लोककल्याणकारी योजना। सभी योजनाओं का सभी समाज के लोगों को न्यायपूर्वक लाभ मिलता है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी कहती है सबका साथ सबका विकास।

श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीति बहुत स्पष्ट है कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। क्योंकि वह संविधान की मंशा के विरूद्ध है। हम लोगों ने सपाक्स को जैसा समझा था, वास्तव में उसकी सोच वैसी नहीं है और अब मुस्लिम आरक्षण की बात से तो स्पष्ट हो गया है कि वह देश और समाज को तोड़ना चाहती है। श्री त्रिवेदी ने यह मांग करके स्पष्ट कर दिया है कि उसका सोच कांग्रेस से अलग नहीं है। जिसके प्रधानमंत्री ने कुछ इसी प्रकार की बात कही थी। मुझे तो आशंका है कि हीरालाल त्रिवेदी कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहे है।

भाजपा किसान मोर्चा के नेता रघुनंदन शर्मा ने कुछ दिन पूर्व अपने साथियों सहित भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी थी। शर्मा और उनके साथियों ने सपाक्स को समर्थन देते हुए काला कानून विरोधी मोर्चा नामक संगठन बनाया था। श्री शर्मा ने सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित समारोह में बताया कि सपाक्स के अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी की सोच से जाहिर है कि वे देश में संघर्ष पैदा करना चाहते हैं। सपाक्स के रवैये से लगता है कि वे आरक्षण का दायरा मुस्लिमों तक फैलाना चाहते हैं।

श्री रघुनंदन शर्मा ने कहा कि मुसलमानों को आरक्षण देना संविधान की भावना के विरुद्ध है।
हमारा संविधान कहता है कि मजहब के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। सपाक्स की यह मांग संवैधानिक व्यवस्था का उल्लंघन है और हीरालाल त्रिवेदी ने देश और समाज को तोड़ने की नीयत से जो पासा फेंका है, मैं उसका विरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि हीरालाल त्रिवेदी की असलियत आज सबके सामने आ गई है। उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा इतनी प्रबल है कि उन्होंने समूचे सपाक्स समाज को भी धोखा दे दिया।

श्री शर्मा ने कहा कि हीरालाल त्रिवेदी एक पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और वे एक जन नेता की तरह गांव, गरीबों की परेशानी नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में मुझे और मेरे साथियों को अपनी भूल का अहसास हुआ कि सामाजिक न्याय की जो बात हमारी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी करती है, वही उचित है। इसीलिए हम लोगों ने अपनी पार्टी में वापस आने का फैसला किया। श्री शर्मा ने कहा कि कुछ घटनाओं को लेकर उनके मन में जो गलतफहमियां थीं, वो भी अब दूर हो गई हैं और वे पूरे मन से पार्टी का काम करेंगे।

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