सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी वोटर लिस्ट मामले में खारिज की कांग्रेस की याचिका

भोपाल । सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश और राजस्थान को फर्जी वोटर लिस्ट मामले में बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी होने की शिकायत करते हुए उसकी जांच की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वोटर लिस्ट की जांच कराने से इंकार कर दिया है।

बता दें कि मध्यप्रदेश की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने वकील कपिल सिब्बल के माध्य से सुप्रीम कोर्ट में शिकायत करते हुए याचिका लगाई थी, जिसमें उन्होंने वोटर लिस्ट की जांच की मांग की थी। इसी प्रकार की मांग करते हुए राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। मध्यप्रदेश और राजस्थान के कांग्रेस नेताओं ने याचिका में वोटर लिस्ट की जांच की मांग करते हुए यह भी कहा गया था कि वीवीपैट की पर्चियों से ईवीएम का मिलान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका को दोनों राज्यों में चुनावों की तारीखें नजदीक आने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहा है और मतदाता सूची को लेकर किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं है। कमलनाथ की इस मांग को भी शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया कि मध्यप्रदेश की मतदाता सूची टेक्स्ट फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए। अदालत ने इस अव्यावहारिक बताया। दरअसल, गत सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एके सिकरी और जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कांग्रेस की शिकायत पर चुनाव आयोग ने भी सोमवार को अपना पक्ष अदालत में रखा और कांग्रेस की तरफ से कबिल सिब्बल ने पैरवी की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और दोनों राज्यों में चुनाव पास में होने का हवाला देते हुए शुक्रवार को कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया।

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