परमवीर सिंह वजीर बने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष, 13 साल बाद हुआ चुनाव

भोपाल । समाज के युवाओं, छात्रों को अल्पसंख्यक होने के नाते सरकार से जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वे उन्हें ठीक से नहीं मिल पाती। समाज के छात्र-छात्राओं को ये सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा युवाओं की शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने में मदद करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। यह बात गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष परमवीरसिंह वजीर ने साक्षात्‍कार के दौरान कही।

राजधानी भोपाल की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आखिरी बार चुनाव वर्ष 2005 में हुए थे। इसमें ज्ञानी दिलीपसिंह को कमेटी का अध्यक्ष चुना गया था। नियमानुसार कमेटी के चुनाव दो साल के अंतराल में होना चाहिए। लेकिन अपरिहार्य कारणों से कमेटी के चुनाव टलते रहे। हाल ही में हुए चुनाव में युवा उम्मीदवार परमवीरसिंह वजीर को अध्यक्ष चुना गया है। उन्हें इस चुनाव में 336 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी गुरमेलसिंह को 325 एवं गुरुचरणसिंह अरोरा को 148 वोट मिले। कमेटी के अध्यक्ष के अलावा 12 सदस्यों का भी चुनाव हुआ, जिनमें से 6 उम्मीदवार परमवीरसिंह वजीर की पैनल के हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी राजधानी के हमीदिया रोड, ईदगाह हिल्स, शाहजहांनाबाद, लालघाटी एवं एक अन्य गुरुद्वारे समेत पांच गुरुद्वारों की व्यवस्थाओं का काम देखती है। कमेटी के युवा अध्यक्ष परमवीरसिंह वजीरे ने अपनी प्राथमिकताएं साझा की।

गुरुद्वारों में बनेंगे हेल्प सेंटर
कमेटी के नए अध्यक्ष परमवीरसिंह वजीर का कहना है कि समाज के हर छात्र-छात्रा को उन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए, जो अल्पसंख्यक होने के नाते उन्हें सरकार से मिलती हैं। इन सुविधाओं के लिए बच्चों को काफी मशक्कत करना पड़ती है और फिर भी वे सभी सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाते। वजीर का कहना है कि इसके लिए हम गुरुद्वारे में एक हेल्प सेंटर बनाएंगे। इन हेल्प सेंटर पर आकर समाज के छात्र-छात्राएं इन सुविधाओं की जानकारी ले सकेंगे, साथ ही उन्हें आवेदन करने के तरीकों के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।

गरीबों के लिए होगी डिस्पेंसरी
कमेटी के नए अध्यक्ष परमवीरसिंह वजीर का कहना है कि छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ता है और बड़े अस्पतालों का खर्च उठाना हर व्यक्ति के लिए संभव नहीं होता। हमारा प्रयास होगा कि सभी गुरुद्वारों में एक डिस्पेंसरी हो, जिसका लाभ किसी भी गरीब व्यक्ति को मिल सके। इन डिस्पेंसरी पर एक निश्चित समय तक डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे, जो मरीजों की जांच करेंगे और दवाएं देंगे।

कॉलेज खोलेंगे, रोजगार के लिए देंगे लोन
युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था करना नई गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्राथमिकताओं में शामिल है। कमेटी के अध्यक्ष श्री वजीर का कहना है कि समाज के कई स्कूल पहले से चल रहे हैं, अब हमारा ध्यान उच्चशिक्षा के लिए कॉलेज शुरू करने पर होगा। इसके अलावा समाज के बेरोजगार युवाओं के लिए हम गुरुद्वारों के फंड से 50 हजार रुपए तक लोन देंगे, ताकि बेरोजगार युवा अपना छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। इन युवाओं को लोन का पैसा किस्तों में लौटाना होगा। समाज के लोग आपसी विचार-विमर्श से तय करेंगे कि लोन किसे देना है।

अपनी इन योजनाओं को लेकर कमेटी के नए अध्यक्ष श्री वजीर काफी आशान्वित हैं। उनका कहना है कि इन योजनाओं को लागू करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं आएगी, क्योंकि ये किसी व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज की भलाई के लिए हैं।

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