‘भारत की विराट ज्ञान सम्पदा’ पर केन्द्रित व्याख्यान 10 एवं 11 नवम्बर को

‘भारत की विराट ज्ञान सम्पदा’ पर केन्द्रित व्याख्यान 10 एवं 11 नवम्बर को

भोपाल । दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित दत्तोपन्त ठेंगड़ी स्मृति राष्ट्रीय व्याख्यानमाला में इस वर्ष ‘भारत की विराट ज्ञान सम्पदा’ पर केन्द्रित विषयों पर 10 एवं 11 नवम्बर को विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किये जायेंगे। दो दिवसीय इस व्याख्यानमाला में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् एवं भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् के सदस्य सचिव प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल एवं संस्कृत साहित्यकार एवं सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी पूर्व कुलपति प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र व्याख्यान देंगे।
दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डा. मुकेश मिश्रा ने बताया कि व्याख्यानमाला श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय सभागार में आयोजित की जायेगी। पहले दिन 10 नवम्बर को प्रथम सत्र में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा का वैशिष्टय’ और द्वितीय सत्र में ‘तुलनात्मक अध्ययनों का निहितार्थ’ पर प्रो. शुक्ल मुख्य वक्ता होंगे। दोनों सत्र की अध्यक्षता महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो. रमेश चन्द्र पंडा करेंगे। सत्र अपरान्ह 4.30 बजे प्रारम्भ होगा।
व्याख्यानमाला के दूसरे दिन तृतीय सत्र में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा का वैश्विक स्वरूप’ एवं चतुर्थ सत्र में ‘भारतीय ज्ञान सम्पदा की अर्वाचीन प्रासंगिकता’ विषय पर प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र का व्याख्यान होगा। सत्र की अध्यक्षता माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार वि.वि. के कुलपति श्री जगदीश उपासने करेंगे।
संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रवादी विचारक श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के स्मृति में व्याख्यानमाला आयोजित की जाती है। पिछले वर्ष ‘विकास की भारतीय दृष्टि‘ पर केंद्रित व्याख्यानमाला में प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, पद्मश्री प्रो. रमेश चंद्र शाह, डॉ. कपिल तिवारी और अर्थक्रांति के संस्थापक श्री अनिल बोकिल के व्याख्यान हुए थे।

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