कांग्रेस विधायक ने दिए निर्देश, ट्रकों से नहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से निकालो रेत

मुरैना, 23 जनवरी (एजेंसी)। कांग्रेस विधायक ऐदल सिंह कंषाना का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में विधायक कंषाना ग्रामीणों को यह निर्देश देते नजर आ रहे हैं कि रेत ट्रकों से मत निकालो, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से निकालो। विधायक का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है, वहीं कांग्रेस नेता सफाई देते नजर आ रहे हैं।
मुरैना जिले के सुमावली से कांग्रेस विधायक ऐदल सिंह कंषाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में विधायक कंषाना गांव के लोगों और रेत कारोबारियों की एक पंचायत में बैठे हैं। वे वहां बैठे लोगों को डंपर से रेत ना निकालकर ट्रैक्टरों से रेत परिवहन करने के निर्देश दे रहे है। विधायक कह रहे है कि तुम लोग शहर में ट्रकों से रेत मत डालना, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से डालना।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट ने चंबल नदी से रेत के अवैध उत्खनन करने पर रोक लगा रखी है। वीडियो के वायरल होते ही विपक्षी पार्टी भाजपा जहां आक्रामक हो गई है, वहीं कांग्रेस के नेता सफाई देते आ रहे हैं। बीते दिनों ही खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए अवैध खनन पर रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अब देखना है कि मंत्री और सरकार अपने ही विधायक के इस निर्देश पर क्या एक्शन लेते हैं।
वीडियो के वायरल होने के बाद विधायक ऐदल सिंह कंषाना ने सफाई पेश की है। उन्होंने कहा है कि मुरैना में चंबल रेत का अवैध उत्खनन नहीं हो रहा है। गांव के लोग पेट पालने के लिए खेतों में एकत्रित रेत ला रहे हैं। मुझे क्षेत्र की जनता ने विधायक चुना है। लोग मेरे यहां समस्याएं लेकर आते हैं। इसलिए ऐसी पंचायतें होती रहतीं हैं। जो लोग वीडियो वायरल कर मुझ पर उंगली उठा रहे हैं मैं उनसे दबने वाला नहीं हूं। वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी से कांग्रेस विधायकों की उद्दंडता बता रही है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि विधायक के इस वीडियो से साबित होता है कि कांग्रेस के विधायक और उनके साथी नियमों का उल्लंघन करते हुए उद्दंडता दिखा रहे हैं। कांग्रेस के सत्ता में आते ही प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है और कांग्रेस के नेता ही रेत माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वीडियो से स्पष्ट है कि प्रदेश में खनन माफिया को कांग्रेस का ही संरक्षण था, जिसका पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय व्यवस्था में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों से टकराव होता रहता था।

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