किसे मिलेगा और किसे नही मिलेगा ऋण माफी योजना का लाभ

नरसिंहपुर । मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन के संबंध में बैंक, कृषि एवं अन्य विभाग के अधिकारियों की बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि योजना के अंतर्गत जिले में सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्ट्रीयकृत बैंक से फसल ऋण लेने वाले किसानों को अधिकतम दो लाख रुपए की सीमा तक पात्रतानुसार लाभ दिया जाना है।
कलेक्टर ने कहा कि इस योजना में पात्रता की शर्ते जनपद पंचायत, तहसील और बैंक कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही हैं। योजना का लाभ लेने के लिए बैंक ऋण खातों को आधार नम्बर और मोबाइल नम्बर से लिंक कराना जरूरी है। बैंकों द्वारा यह कार्य 9 से 14 जनवरी तक किया जायेगा। ऋणी किसान इस अवधि के दौरान लोन खाते की पासबुक के पहले पेज और आधार नम्बर की फोटोकापी के साथ मोबाइल नम्बर की जानकारी संबंधित बैंक शाखा में जमा करायें। कलेक्टर ने इस संबंध में ग्राम पंचायतों में मुनादी कराने के निर्देश दिये। जिला स्तर पर कलेक्टर, अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत योजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे।
फसल ऋण माफी की पात्रता का आधार
कलेक्टर ने कहा कि वे सभी किसान, जो 31 मार्च 2018 की स्थिति में नियमित ऋण खाते में ऋण प्रदाता संस्था द्वारा प्रदाय फसल ऋण की बकाया राशि के रूप में दर्ज हैं तथा जिन किसानों पर 31 मार्च 2018 में रेग्युलर आउटस्टेंडिंग लोन था पात्र होंगे और 12 दिसम्बर 2018 तक जिन्होंने पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से लोन चुका दिया है, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जायेगा। योजनांतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक/ नावार्ड द्वारा परिभाषित फसल की पैदावार के लिए ऋण प्रदाता संस्थाओं द्वारा प्रदत्त अल्पकालीन फसल ऋण एक अप्रैल 2007 को अथवा उसके बाद जो ऋण प्रदाता संस्था से लिया गया, फसल ऋण जो 31 मार्च 2018 की स्थिति में सहकारी बैंकों के लिए कालातीत अथवा अन्य ऋण प्रदाता बैंकों के लिए नॉन परफार्मिंग एसेट घोषित किया गया हो, जिन किसानों ने 31 मार्च 2018 की स्थिति में एनपीए अथवा कालातीत घोषित फसल ऋण 12 दिसम्बर 2018 तक पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से चुका दिया है, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जायेगा।
यह हैं मापदंड
मध्यप्रदेश में निवासरत किसान, जिनकी कृषि भूमि मध्यप्रदेश में स्थित हो तथा प्रदेश में स्थित ऋण प्रदाता संस्था की बैंक शाखा से अल्पकालीन फसल ऋण लिया हो अथवा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा प्रदत्त अल्पकालीन फसल ऋण लिया हो तथा ऐसे किसान जिनकाफसल ऋण रिजर्व बैंक/ नाबार्ड के दिशा- निर्देशों के अनुसार प्राकृतिक आपदा होने के कारण पुर्नस्थापना कर दिये गये हों, योजना में पात्र होंगे। योजना में वे कृषक शामिल नहीं होंगे, जिन्होंने कम्पनियों या अन्य कॉपोर्रेट संस्थाओं द्वारा प्रत्याभूत ऋण, जो भले ही ऋण प्रदाता संस्थाओं द्वारा ही वितरित किया गया हो, किसानों के समूह द्वारा लिया गया फसल ऋण, फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी अथवा फार्मर प्रोड्यूसर संस्था द्वारा लिया गया फसल ऋण तथा सोना गिरवी रखकर ऋण प्राप्त किया। लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए बैंकों का प्राथमिकता क्रम सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्ट्रीयकृत बैंक होगा।
योजना के लिए ये हैं अपात्रता की श्रेणी
सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका/ नगर परिषद/ नगर निगम के अध्यक्ष/ महापौर, कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मंडल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, समस्त आयकर दाता, भारत सरकार द्वारा प्रदेश सरकार के समस्त शासकीय अधिकारी/ कर्मचारी तथा इनके निगम/ मंडल/ अर्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी/ कर्मचारी, (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर), 15 हजार रुपए प्रतिमाह या उससे अधिक पेंशन प्राप्तकर्ता (भूतपूर्व सैनिकों को छोड़कर), जीएसटी में 12 दिसम्बर 2018 या उससे पूर्व पंजीकृत व्यक्ति/ फर्म/ फर्म के संचालक/ फर्म में भागीदारी योजनांतर्गत अपात्र होंगे। पात्र किसान द्वारा स्व- प्रमाणीकरण किया जाना योजना के लिए मान्य होगा। निरर्हता/ अपात्रता की सूची में बदलाव या सुधार करने के लिए एवं ऋणमान के युक्तियुक्तकरण के लिए राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति अधिकृत रहेगी।
आधार नम्बर अनिवार्य
योजना के तहत राज्य के कोष से राशि पात्र किसानों के फसल ऋण खाते में जमा कराई जायेगी। अत: योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को फसल ऋण बैंक खाते में आधार नम्बर सीडिंग एवं अभिप्रमाणित कराया जाना आवश्यक होगा। जिन किसानों के फसल ऋण खाते में आधार नम्बर अभी तक नहीं जुड़ा है, उन्हें इसके लिए एक अवसर दिया जायेगा।
एमपी आनलाइन तैयार करेगा पोर्टल
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एमपी आॅनलाइन द्वारा पोर्टल तैयार किया जायेगा। पोर्टल प्रबंधन का कार्य सक्षम तकनीकी संस्था के सहयोग से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा किया जायेगा। जिला कलेक्टर के पर्यवेक्षण में जिले में स्थित समस्त राष्ट्रीकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंकों की फसल ऋण माफी के पोर्टल से उपरोक्त अवधि के कस्टूमर लॉगिन तथा एनपीए-कालातीत लोन की आधार कार्ड सीडेड ऋण खातों की हरी सूचियां तथा गैर आधार कार्ड सीडेड ऋण खातों की सफेद सूचियां प्राप्त कर प्रत्येक ग्राम पंचायत में तथा संबंधित बैंक शाखा में पटल पर 15 जनवरी 2019 तक प्रदर्शित करने का कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
यह है आवेदन की प्रक्रिया
सूची प्रकाशन के उपरांत आधार कार्ड सीडेड- हरी सूची के किसानों से हरे रंग के आवेदन पत्र तथा गैर आधार कार्ड सीडेड सूची- सफेद सूची के किसानों से सफेद रंग के आवेदन पत्र ग्राम पंचायत में सूची चस्पा होने के बाद ग्राम पंचायत कार्यालय में आफलाइन प्राप्त किये जायेंगे। हरी अथवा सफेद सूची में प्रदर्शित जानकारी पर आपत्ति अथवा दावा प्रस्तुत करने का अधिकार किसान के पास होगा। इसके लिए संबंधित किसान को गुलाबी आवेदन पत्र भरना होगा। किसान द्वारा भरे गये तीनों किस्म के आवेदन पत्रों हरे, सफेद व गुलाबी की जानकारी 26 जनवरी को ग्राम सभा की बैठक में दी जायेगी। ऐसे किसान जो 26 जनवरी तक आवेदन पत्र नहीं भर पाये, उन्हें 5 फरवरी तक ग्राम पंचायत में जमा कराये जाने का समय दिया जायेगा।
इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत के सचिव/ ग्राम रोजगार सहायक के साथ ही जिला कलेक्टर द्वारा शासकीय कर्मचारी (वर्ग- 3 से अनिम्न स्तर का) भी कर्तव्यस्थ किये जायेंगे। प्रत्येक विकासखंड में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) योजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे।

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