ट्रेड यूनियन की हड़ताल से बैंकों में लटके ताले

भोपाल/सिंगरौली । ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को जहां मध्‍यप्रदेश में इस इसका व्‍यापक असर देखा गया तो वहीं प्रदेश के सिंगरौली में हड़ताल के चलते एनसीएल की कोयला खदानों में डिस्पैच का काम भी प्रभावित रहा, हालांकि 60 फीसदी कर्मचारी खदानों में कार्यरत भी रहे।


जानकारी के अनुसार दो दिवसीय ट्रेड यूनियनों द्वारा हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को जहां इसका व्‍यापक असर देखा गया तो वहीं बैंकों में भी ताले लटके रहे जिससे करोड़ों रूपए का लेनदेन भी प्रभावित रहा। केद्रीय बैंक कर्मचारियों द्वारा राजधानी भोपाल में सुबह से अलग-अलग यूनियनों पर रैली निकालकर अपना विरोध जताया। साथ ही केंद्रीय वित्‍त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की।
वहीं सिंगरौली में झिंगुरदह, ब्लॉक बी गोरबी, दूधिचुआ, जयंत आदि कोयला खदानों में सुबह से ही विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों द्वारा केंद्र की नीतियों के प्रति विरोध प्रदर्शन कर कार्य बाधित करने का प्रयास किया गया। एनसीएल कर्मियों की मानें तो करीब 60 फीसदी कर्मचारी मंगलवार को खदानों में कार्यरत रहे। एटक के वरिष्ठ नेता अशोक दुबे ने बताया की कई खदानों में सुबह रेलवे ट्रैक रोककर डिस्पैच को बहुत हद तक प्रभावित किया गया।
उधर ट्रेड यूनियनों के समर्थन में आए कई बैंकों ने कामकाज ठप कर हड़ताल में अपना समर्थन दिया। मोरवा क्षेत्र में स्टेट बैंक छोड़ यूनियन बैंक, सिंडिकेट बैंक के साथ अधिकांश बैंकों में ताला लटका रहा। वहीं ऊर्जांचल विस्थापित एवं कारगर यूनियन एटक के अध्यक्ष संजय नामदेव की अगुवाई में लोगों ने सुबह बरगवां रेलवे स्टेशन पहुंच रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर तहसीलदार, स्टेशन प्रबंधक एवं अनुविभागीय अधिकारी डॉ कृपाशंकर द्विवेदी को राष्ट्रपति के नाम अपना ज्ञापन सौंपा। ये प्रदर्शनकारी बरगवां कोलयार्ड को गोंदवाली में स्थानांतरित करने, सिंगरौली बहरी फोरलेन का निर्माण अति शीघ्र पूर्ण कराने व बरगवां रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज बनवाने आदि प्रमुख बिंदुओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

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