नर्मदा का जल शिप्रा में पर्याप्त आ सके ऐसी व्यवस्था करें अधिकारी

उज्जैन। मकर संक्रांति एवं अन्य पर्वों पर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान करते हैं। समय-समय पर नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना से शिप्रा नदी में जल छोड़ा जाता है, जिससे उज्जैन में शिप्रा का जल स्तर बढ़ता है। संबंधित सभी विभागों के अधिकारी शिप्रा नदी में नर्मदा का जल छोड़े जाने के स्थल से रामघाट तक यह जल पर्याप्त मात्रा में आ सके, ऐसी व्यवस्था करें। कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपसी समन्वय से अधिकारी यह तय कर लें।
यह निर्देश संभागायुक्त अजीत कुमार एवं कलेक्टर शशांक मिश्रा ने बुधवार को जिले के शिप्रा प्रवाह स्थलों से लेकर देवास जिले एवं इन्दौर जिले की सीमा पर स्थित स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, राजस्व विभाग, एनवीडीए विभाग के अधिकारी साथ थे। संभागायुक्त अजीत कुमार एवं कलेक्टर शशांक मिश्रा ने जूना निनौरा ग्राम में शिप्रा नदी पर बने स्टॉपडेम का निरीक्षण किया। यहां नदी का पानी सूखा है। संभागायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारी से यह पूछा कि गत दिनों यहां शिप्रा नदी में नर्मदा का पानी कब आया था? तब उन्होंने बताया कि नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना से इस स्थान तक पानी पहुंचने में लगभग 30 घंटे का समय लगता है। गत 3 जनवरी को दोपहर 2.50 पर पानी छोड़ा गया था, जो 4 जनवरी को रात्रि लगभग 10 बजे इस स्थान पर पहुंचा था। मार्ग में कई स्थानों पर किसानों द्वारा पानी लिए जाने से पर्याप्त मात्रा में नहीं आया। संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्टॉपडेम के सभी गेट खोल दें। किसानों से कहें कि वे न तो मार्ग में अवरोध पैदा करें और न ही आगामी पर्व तक पानी लें। इस कार्य की निगरानी एडीएम जी.एस. डाबर करें।
पानी छोड़े जाने की सूचना दें
संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने ग्राम राव किठोता के समीप शिप्रा नदी के स्टापडेम को देखा। उन्होंने सिंचाई विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब-जब नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना से शिप्रा नदी में पानी छोड़ा जाए तो इसकी सूचना आसपास के गांव वालों को मुनादी करवाकर तथा अन्य साधनों से दें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि स्टॉपडेम के सारे गेट खोल दें जिससे पानी आसानी से आगे बढ़ सके।
14 के बाद ले लेना पानी
अधिकारियों द्वारा आलमपुर उड़ाना में शिप्रा नदी पर बने डेम का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने निर्देश अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई व्यक्ति यहां से मोटर लगाकर पानी नहीं ले इसका ध्यान रखें। कलेक्टर ने सरपंच भरत शर्मा, ग्रामीण नाथूराम से चर्चा कर आग्रह किया कि आगामी मकर संक्रान्ति पर्व पर शिप्रा में पर्याप्त पानी रहे, इसके लिये आवश्यक है कि रास्ते से नदी से पानी न लिया जाए, किसान पर्व के बाद पानी ले सकते हैं। संभागायुक्त एवं कलेक्टर जिसके बाद शिप्रा नदी अपस्ट्रीम में चिमली डेम (ग्राम खोकरिया) पहुंचे। वहां इस स्थान पर शिप्रा नदी में थोड़ा पानी मिला। वहां पाया कि स्टापडेम के गेट पूरी तरह नहीं खुले हैं। आगे पेड़, झाडिय़ां डालकर पानी का प्रवाह रोका गया है। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि गेट पूरे खोले तथा अवरोध हटाएं जिससे पानी आगे बढ़े।

आईजी और एसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
बुधवार को आईजी राकेश गुप्ता एवं एसपी सचिन अतुलकर ने अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट, नृसिह घाट, गऊघाट, त्रिवेणी घाट एवं मंगलनाथ घाट का भम्रण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान एएसपी अभिजीत सिंह रंजन, नीरज पाण्डे, प्रमोद सोनगर, निगम उपायुक्त योगेन्द्र पटेल, सभी थानों के प्रभारी, पीडब्ल्यूडी एवं पीएचई के अधिकारी उपस्थित थे।

कंट्रोल रूम पर ली बैठक
निरीक्षण के बाद आईजी एवं एसपी ने शिप्रा नदी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक लेकर निर्देश दिए कि घाटों पर भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेटिंग करें। घाटो पर लाईफ जैकेट, होल्ड-अप की व्यवस्था रहे। घाटों पर पर्याप्त लाईटिंग व्यवथा करें। सभी घाटों पर गोताखोर एवं सुरक्षा बल तैनात किए जाएं। घाटों पर पानी की प्याऊ एवं चैंजिंग रूम की व्यवस्था करें। घाटों की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। पानी की गहराई की जांच कर सुरक्षा क्षेत्र निर्धारित करें। इसके लिए रस्सी या खम्बे लगवाएं।
होने लगी व्यवस्थाएं
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद नगर निगम द्वारा शिप्रा नदी के घाटों पर सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया। निगम अमले द्वारा जहां नदी से निर्माल्य सामग्री निकाली गई वहीं घाटों पर जमी कंजी को भी साफ किया गया।

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