नीमका जेल में सजायाफ्ता कैदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

फरीदाबाद, 17 जनवरी (एजेंसी)। फरीदाबाद जिला नीमका जेल में सजायाफ्ता एक कैदी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जेल में फांसी लगाकर कैदी द्वारा की गई आत्महत्या की घटना के बाद पूरे जेल प्रशासन में हड़कम्प मच गया| मृतक कैदी का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल बादशाह खान में रखवाया गया है और उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। मृतक को तीन दिन पहले ही छात्रा को शादी की नीयत से भगा ले जाने व दुष्कर्म किए जाने के आरोप में दस साल की सजा सुनाई गई थी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय मोहित उर्फ सुंदर ने गुरुवार तड़के जेल में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त ली। इस बात की जानकारी सुबह जब जेल के वार्डन कैदियों को बाहर निकाल रहे थे तो किसी ने बताया कि मोहित ने फांसी लगा दी। उल्लेखनीय है कि जिला अदालत ने मंगलवार को 12वीं कक्षा की छात्रा को शादी की नीयत से बहला – फुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म किए जाने के जुर्म में मोहित को मुजरिम करार देते हुए दस साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सुनाई थी।


सजा के बाद उसे पुलिस ने पकड़ लिया और नीमका ले जे गई। मालूम हो कि एनआईटी थाना पुलिस ने 30 अक्टूबर 2017 को इलाके की एक कॉलोनी में रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 21 अगस्त 2017 को उसकी नाबालिग बेटी स्कूल में पढ़ने गई थी, लेकिन इसक बाद से वह वापस नहीं लौटी। पुलिस ने इसी कॉलोनी में रहने वाले मोहित उर्फ सुंदर के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस नेबीते वर्ष 2 अक्टूबर को चंडीगढ़ से मोहित उर्फ सुंदर को गिरफ्तार कर नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया। इसके बाद 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने मोहित उर्फ सुंदर पर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया। नीमका जेल के अधीक्षक दीपक शर्मा का कहना है कि सजा के बाद से ही मोहित सदमे में था और किसी से बात नहीं कर रहा था।

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