वंदेमातरम् पर कमलनाथ सरकार ने जारी किया नया आदेश

भोपाल । मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विरोध के बाद मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने वंदेमातरम् को लेकर गुरुवार को नया आदेश जारी किया। इसके मुताबिक हर महीने की पहली तारीख को सुबह 10:45 बजे पुलिस बैंड की धुन पर शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। पुलिस बैंड के वल्लभ भवन पहुंचने पर राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ होगा। इसमें कर्मचारी-अधिकारियों के अलावा आम लोग भी शामिल हो सकेंगे।

राज्य में कमलनाथ सरकार बनने के बाद मंत्रालय परिसर में एक जनवरी को वंदेमातरम् का गायन नहीं हुआ था। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसे कांग्रेस का शर्मनाक कदम बताया था। इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी भाजपा के बढ़ते आक्रोश के मद्देनजर कमलनाथ सरकार को यू-टर्न लेना पड़ा।हालांकि कांग्रेस जहां राज्य सरकार के इस निर्णय के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्षी दल भाजपा ने इसे जनाक्रोश के सामने झुकना करार दिया है।
सामूहिक रूप से वंदेमातरम् गायन की परम्परा वर्ष 2005 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने शुरू की थी, लेकिन नई सरकार ने सत्तारूढ़ होते ही इस पर रोक लगा दी थी। इसीलिए इस बार एक जनवरी को वंदे मातरम् का सामूहिक गायन नहीं हो सका। सरकार के इस निर्णय का भाजपा ने जमकर विरोध किया था।

सरकार के इस निर्णय की ट्विटर पर जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस ने वंदेमातरम् को पहले से भी आकर्षक बताया है। पार्टी के अधिकृत ट्विटर अकाउंट पर लिखा गया है, \”कमलनाथ सरकार ने वंदेमातरम् गायन को और भी आकर्षक बनाया। भोपाल में अब पुलिस बैंड और आम जनता की सहभागिता के साथ वंदेमातरम् का गायन होगा। अब हर महीने के प्रथम कार्यदिवस पर सुबह 10:45 बजे पुलिस बैंड के साथ आम जनता भी राष्ट्रभावना के साथ शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन तक मार्च में शामिल हो सकेगी।\”

प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि वंदेमातरम् पर रोक के सरकार के फैसले के खिलाफ देश और प्रदेश की जनता में गहरा आक्रोश था। इसके सामने झुककर सरकार ने वंदेमातरम् का नया फॉर्मेट जारी किया है। यदि सरकार वास्तव में वंदेमातरम् के स्वरूप में बदलाव करना चाहती थी, तो सरकार को 01 जनवरी को ही यह घोषणा करनी चाहिए थी।

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