विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को भाजपा ने बताया लोकतंत्र की हत्या


भोपाल वरिष्ठ विधायक एनपी प्रजापति को विधानसभा का अध्यक्ष बना दिया। भाजपा ने इस निर्णय को लोकतंत्र का काला दिन बताते हुए इस मामले को लेकर सदन से वॉकआउट कर दिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने विधानसभा से राजभवन तक पैदल मार्च निकाला।
मध्यप्रदेश की 15वीं विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई। कांग्रेस द्वारा सोची-समझी रणनीति के तहत अपनी तरफ से सदन में एनपी प्रजापति को विधानसभा अध्यक्ष बनाने के चार प्रस्ताव रख दिए, लेकिन पांचवा प्रस्ताव भाजपा की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रखने जा रहे थे, तो उन्हें अपना प्रस्ताव रखने से रोक दिया और एनपी प्रजापति के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए प्रोटेम स्पीकर ने चारों प्रस्तावों पर स्वीकृति लेने के बाद भाजपा को अपना प्रस्ताव रखने को कहा। इस पर भाजपा ने सदन में कांग्रेस पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा का कहना है कि जब एक ही नाम का प्रस्ताव सदन में आया है और दूसरे उम्मीदवार का प्रस्ताव रखने ही नहीं दिया गया है, तो वोटिंग किसके बीच कराई जाएगी। इसे लेकर भाजपा विधायकों ने सदन में जोर-शोर से नारेबाजी की। इस दौरान दो बार सदन की कार्यवाही 10-10 मिनट के लिए स्थगित की और तीसरी बार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो भाजपा ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर जोरदार नारेबाजी की और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विधानसभा से पैदल मार्च निकाला। यह पैदल मार्च राजभवन पहुंचा, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भाजपा विधायकों द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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