एएमयू से अल्पसंख्यक का दर्जा वापस लेने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने 7 जजों की बेंच को सौंपा

नई दिल्ली, (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय(एएमयू) का अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा समाप्त करने के लिए दायर याचिका को 7 जजों की संविधान बेंच को रेफर कर दिया है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने मंगलवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि एएमयू कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक मुस्लिमों को दाखिला दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने हलफनामा देकर कहा था कि एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने जामिया यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने की वकालत की थी।

29 अगस्त, 2011 को यूपीए सरकार ने नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के फैसले पर सहमति जताई थी। वर्तमान केंद्र सरकार ने अपने ताजे हलफनामे में कहा है कि पहले के हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजीश बाशा केस में दिए गए फैसले को नजरंदाज कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय नहीं है क्योंकि इसे ब्रिटिश सरकार ने स्थापित किया था, न कि मुस्लिम समुदाय ने।

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