कोलकाता एसटीएफ ने एसिड बम बनाने में माहिर जेएमबी के दो आतंकियों को दबोचा

कोलकाता, (एजेंसी) । कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के दो खूंखार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। एसिड बम बनाने में माहिर दोनों आतंकियों को मुर्शिदाबाद जिले में स्थित उनके घरों से दबोचा गया।

एसटीएफ द्वारा मंगलवार देर शाम की गई इस कार्रवाई की जानकारी बुधवार को सार्वजनिक की गयी है। एसटीएफ के उपायुक्त मुरलीधर शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आतंकियों के नाम हसीबबुर रहमान उर्फ फारूक (‍35) और राहुल अमीन उर्फ सैफुल्ला (‍26) है। फारूक मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज थाना अंतर्गत त्रिमोहिनी मोड़ गांव का रहने वाला है, जबकि सैफुल्लाह भी रघुनाथगंज थाना क्षेत्र के ही पूर्व पाड़ा का निवासी है। दोनों को मंगलवार देर शाम गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि इस मामले में पहले से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में इन दोनों आतंकियों की मौजूदगी के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ टीम ने मुर्शिदाबाद जिला पुलिस के साथ मिलकर इनके आवास से धर दबोचा है। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक एल्युमीनियम केलेटर, सल्फ्यूरिक एसिड आदि जब्त किया गया है। दोनों आतंकी एसिड बम बनाने में प्रशिक्षित थे और इस विस्फोटक का इस्तेमाल कर एसिड बम बनाने वाले थे। इसके जरिए वे बर्दवान ब्लास्ट के मास्टरमाइंड कौसर को जेल से छुड़ाने की योजना बना रहे थे। दोनों कौसर के शागिर्द रहे हैं और बेंगलुरु से कोलकाता आए दो अन्य आतंकियों के साथ मिलकर कौसर को छुड़ाने की योजना बना रहे थे।

गत 19 फरवरी को कोलकाता से सटे सातरागाछी रेलवे स्टेशन के पास से कोलकाता पुलिस के एसटीएफ ने जेएमबी के एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। उसका नाम आसिफ इकबाल उर्फ नदीम (‍22) है। वह मूलरूप से मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज थाना अंतर्गत लक्ष्मीझोला गांव का रहने वाला है। कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में बंद बर्दवान ब्लास्ट के मास्टरमाइंड कौसर को अदालत में पेशी के दौरान पुलिस के हाथ से छुड़ाकर ले जाने के लिए वह भी कोलकाता आया था। वह बेंगलुरु से आया था और कई अन्य आतंकियों के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों की योजना में शामिल रहा था। वहां बैंक डकैती की वारदातों में भी शामिल रहा है। गत 16 फरवरी को एसटीएफ ने जेएमबी के आतंकी अरिफुल इस्लाम उर्फ आरिफ उर्फ अताउर (‍22) को गिरफ्तार किया था। उसे कोलकाता के बाबूघाट इलाके से दबोचा गया था। वह भी बेंगलुरु से कोलकाता आया था और कोलकाता के प्रेसिडेंसी जेल में बंद बर्दवान ब्लास्ट का मास्टरमाइंड आतंकी कौसर को वह जेल से छुड़ाने की योजना बनाकर आया था। दोनों बेंगलुरु में एक साथ रहते थे और मिलकर बैंक डकैती की साजिश को अंजाम दिया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की टीम ने नए सिरे से प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें बेंगलुरु में डकैती को अंजाम देने के बाद कोलकाता में आकर छिपने और आतंकी को जेल से भगाने की साजिश रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसी केस में नदीम को गिरफ्तार किया गया था। दोनों से पूछताछ के बाद मुर्शिदाबाद से पकड़े गए इन दो अन्य आतंकियों के बारे में भी पता चला था। इस मामले में अब तक कुल चार आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

अरिफुल गत 19 फरवरी को बिहार के विश्व प्रसिद्ध बोधगया मंदिर में इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) प्लांट करने में शामिल था और विस्फोट के बाद वह बेंगलुरु भाग गया था। वहां वह नदीम और अपने अन्य आतंकी साथियों के साथ मिलकर डकैती आदि करता था। उसके बाद जब उसे कौसर की कोलकाता पुलिस के एसटीएफ के हाथों गिरफ्तारी के बारे में पता चला तो वह वहां से कोलकाता आया था। यहां वह कौसर को जेल से छुड़ाने की योजना बना रहा था। उसने नदीम के साथ मिलकर ऐसी साजिश रची थी ताकि प्रेसिडेंसी जेल से जब उसे (कौसर) पेशी के लिए कोर्ट में ले जाया जाए तो मुर्शिदाबाद से पकड़े गए दोनों आतंकियों द्वारा बनाए गए एसिड बम की मदद से रास्ते में वह उसे पुलिस के चंगुल से छुड़ा सके, लेकिन उसके पहले एसटीएफ ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है। चारों से एक साथ पूछताछ की जा रही है। हिस

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