पश्चिम बंगाल के विधायकों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी

कोलकाता, (‍हि.स.)। कोलकाता से सटे नदिया जिले के कृष्णगंज से तृणमूल के विधायक सत्यजीत विश्वास की प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के बाद राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के सभी विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है।

शुक्रवार को केंद्रीय गृह विभाग की ओर से इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। बताया गया है कि राज्य सरकार ने राज्य के सभी विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसमें सत्तारूढ़ तृणमूल के साथ-साथ विपक्षी माकपा, कांग्रेस और भाजपा के विधायक शामिल हैं। गत शनिवार रात सरस्वती पूजा पंडाल का उद्घाटन करने पहुंचे विधायक सत्यजीत विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद राज्य सरकार ने कुछ मंत्रियों के लिए सुरक्षा कवर भी जेड ’श्रेणी में बदला है। गुरुवार को ही राज्य के खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक की सुरक्षा वाई श्रेणी से बढ़ाकर जेड श्रेणी की कर दी गई है। इसके बाद शुक्रवार को बताया गया है कि उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष और उच्च शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को भी सुरक्षा कवच मिलने की संभावना है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पहले से ही, अरूप विश्वास और फिरहाद हकीम जैसे कुछ मंत्रियों को ’जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिल रही है। इससे पहले, जेेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा पूर्व कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी द्वारा लिया गया था, लेकिन महापौर के इस्तीफा देने के बाद इसे वापस ले लिया गया था। सुरक्षा निदेशक आमतौर पर वीवीआईपी की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हैं और मंत्रियों के लिए सुरक्षा कवर पर निर्णय लेते हैं।

चुनावों से पहले, राज्य सरकार ने विपक्षी विधायकों के लिए भी सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है। बताया गया है कि नादिया के विधायक की हत्या के बाद, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी विधायकों के लिए उचित सुरक्षा चाहते थे, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और राज्य पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की है। सीपीएम विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती और विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान को भी वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली है। इन सभी की सुरक्षा भी बढ़ाई जा सकती है।

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