पांचवें दिन भी रेल पटरियों पर डटे गुर्जरों ने आराध्यदेव को किया याद

जयपुर, (हिस)। पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सवाईमाधोपुर जिले के मलारना डूंगर में रेलवे ट्रैक पर गुर्जर आंदोलनकारी मंगलवार को पांचवें दिन भी डटे रहे। भगवान देवनारायण जयंती का मौका होने के बावजूद आंदोलनकारियों ने ट्रैक नहीं छोड़ा| गुर्जर आंदोलनकारियों ने रेल ट्रैक पर ही अपने आराध्यदेव को याद किया।

आंदोलन के कारण मंगलवार को भी दिल्ली-मुम्बई रेल रूट बाधित रहा। गुर्जर बाहुल्य इलाकों में रोडवेज व अन्य यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा। गुर्जरों ने धौलपुर और नैनवां-अजमेर हाईवे पर जाम लगा रखा है। सरकार ने गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर कमेटी बनाई है। सरकारी नौकरियों और शिक्षा में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में गुर्जर समुदाय आंदोलन कर रहा है। दिन-प्रतिदिन गुर्जर आंदोलन तेज होता जा रहा है। गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। धौलपुर और करौली जिले में धारा 144 लगा दी गई है। आंदोलन कर रहे गुर्जरों पर तीन अलग-अलग जगहों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें मलारना, करौली के हुडला और झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में मुकदमे दर्ज हुए हैं।

धौलपुर में पिछले दिनों हुई हिंसा में पुलिस ने 250 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसमें 50 लोगों के खिलाफ नामजद, जबकि अन्य के खिलाफ अज्ञात में केस दर्ज हुआ है। यह मुकदमे धौलपुर शहर कोतवाली में दर्ज हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यातायात अवरुद्ध करने के सिलसिले में तीन केस दर्ज किए गए हैं।

आंदोलन में बैठे गुर्जर नेता विजय बैंसला ने संकेत दिया कि अब सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने भी कहा है कि हमें पांच प्रतिशत आरक्षण चाहिए। सरकार से जो भी वार्ता होगी वो पटरी पर ही की जाएगी। केंद्र सरकार ने सर्वणों को 10 प्रतिशत का आरक्षण सात दिनों में दे दिया| हम 14 सालों से संघर्ष कर रहे हैं| अब पटरी से तब ही उठेंगे जब हमें पांच प्रतिशत आरक्षण मिल जाएगा। इस बीच गुर्जर आंदोलन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आंदोलन करना अलग बात है, लेकिन ट्रेन की पटरी पर बैठना कानूनी रूप से ठीक नहीं है। वार्ता के लिए सरकार के द्वार खुले हैं। हमने मंत्रियों की कमेटी बना दी है। उन्हें खुद आगे आकर बातचीत का सिलसिला शुरू करना चाहिए| पहले भी डायलॉग हुए थे और बात आगे बढ़ी थी और कई फैसले हुए थे| उनके पक्ष में बात आगे बढ़ी थी। हम पूरी तरह तैयार हैं। हम इनकी भावनाओं का आदर करते हुए फैसला लेंगे और यही हमारी धारणा है।

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