शहादत को सलाम : दो दिन पहले ही कश्मीर पहुंचे थे भागीरथ

धौलपुर, (हि.स.)। कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार शाम को हुए आतंकी हमले में धौलपुर के लाल भागीरथ सिंह शहीद हुए हैं। शहीद भागीरथ सिंह धौलपुर जिले के राजाखेडा उपखंड क्षेत्र के थाना दिहौली के गांव जैतपुर के रहने वाले थे। आतंकी हमले में भागीरथ की शहादत की खबर मिलने के बाद में इलाके में शोक की लहर है।
कश्मीर के पुलवामा इलाके में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के 42 जवानों में धौलपुर के लाल शहीद भागीरथ सिंह भी शामिल हैं। भागीरथ सिंह सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन का हिस्सा थे। गांव जैतपुर निवासी सरपंच कपूर चंद गुर्जर ने बताया कि भागीरथ सिंह दो दिन पूर्व 12 फरवरी को ही छुट्टियां बिताकर अपनी ड्यूटी पर कश्मीर रवाना हुए थे। भागीरथ सिंह के पिता परशुराम सिंह किसान हैं। दो भाईयों में सबसे बड़े भागीरथ सिंह थे। उनके छोटे भाई बलवीर सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं तथा फिलहाल आगरा जिले के फतेहाबाद थाने पर तैनात हैं। शहीद भागीरथ सिंह अपने पीछे पत्नी रंजना देवी तथा दो बच्चे समेत पूरा परिवार को छोड़ गए हैं।
सरपंच कपूर चंद गुर्जर ने बताया कि भागीरथ सिंह ने अपने गांव जैतपुर तथा धौलपुर जिले का नाम रोशन किया है। इलाके के लोगों को उनकी शहादत पर फख्र है। उधर, जैसे ही भागीरथ सिंह की शहादत की खबर गांव पहुंची, तो वहां मातम छा गया। इलाके में लोग गमगीन हैं तथा भागीरथ सिंह की बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं|

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