सरकार बदली पर नही बदले अन्नदाताओं के हालात

नरसिंहपुर (‍हि.स.)। प्रदेश की सरकार बदल गयी, पर नही बदले तो अन्नदाताओं के हालात। नयी सरकार से कर्जा माफी का लॉलीपॉप लेकर फसलों के उचित दाम, समयबद्ध भुगतान व अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए वह आज भी दफ्तरों व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटने विवश है। न सत्ता सुन रही, न विपक्ष का सहारा है। प्रशासनिक अमले के पास भी सिर्फ आश्वासनों का झुनझुना है। जिन मुद्दों की वजह से कांग्रेस सरकार में आयी अब वही मुद्दे उसे सवालों के कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। जिले की प्रमुख फसल गन्ने का मिल मालिक रिकव्हरी के आधार पर भुगतान नही कर पा रहे हैं। जबकि कलेक्टर न्यायालय द्वारा 294 रूपये प्रति क्ंिवटल की दर से भुगतान करने के आदेश दिये गये थे। गन्ना किसानों ने उचित दाम को लेकर जितना संघर्ष सत्ता परिवर्तन के पहले किया, उतना ही संघर्ष उसे अब करना पड़ रहा है।
कब मिलेगा 8 माह पुराना भुगतान?
तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य में खरीदी गयी फसलों का भुगतान पाने भी किसान चक्कर काटने मजबूर है। दिसंबर माह में किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर बेची गयी धान का पैसा भी अब तक किसानों के खाते में नही आया। किसानों को जो पर्ची दी गयी थी उसमें लिखा हुआ है कि यदि 7 दिन में उपज का भुगतान नही होता तो वे एक दिये गये नंबर पर संपर्क करें पर उस नंबर पर किसानों की बात ही नही हो पाती। वहीं करीब 8 माह पूर्व भी समर्थन मूल्य पर बेची गयी चना व मसूर का भुगतान भी किसानों को अब तक नही किया गया। सभी किसानों का बकाया देखा जाये तो यह राशि करोड़ों मे है।
बलराम को अब भी सर्वे टीम का इंतजार
कुछ दिनों पूर्व भारी ठंड व शीतलहर के कारण फसलों को तुषार ने ग्रस लिया था। जिससे कई किसानों की राहर की फसल खराब हुई थी। प्रभावित किसानों ने शासन से शीघ्र सर्वे कराकर मुआवजा देने की अपील की थी, लेकिन आज भी कई किसानों के खेतों में सर्वे दल नही पहुंचा। सबसे बुरी हालत मजदूरों सा जीवन जीने वाले छोटे किसानों की होती है। सुआतला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिलहरा निवासी कृषक बलराम प्रजापति की महज एक एकड़ जमीन जिसमें आधी जमीन में लगी राहर पाला पड़ने से खराब हो गयी थी। उसमें फल्ली तो लगी पर एक दाना निकलने की उम्मीद भी नही है। पूरी तरह खराब हो चुकी राहर अब भी खेत में खड़ी सर्वेक्षण टीम का इंतजार कर रही है, पर मौजा पटवारी का अब तक कुछ पता नही है।

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