पाकिस्तान बॉर्डर पर एंटी टैंक मिसाइल का सफल परीक्षण

जोधपुर, (एजेंसी)। पुलवामा हमले के बाद भारत ने रॉकेट लांचर के परीक्षण के बाद गुरुवार को एंंटी टैंक मिसाइल का परीक्षण कर दुनिया को अपनी शक्ति का अहसास करा दिया है। रक्षा अनुसंधान एवं वैज्ञानिक संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों ने भी शत्रुओं से लोहा लेने की पूरी तैयारी कर ली है। सोमवार और मंगलवार को पोकरण फायरिंग रेंज में पिनाक रॉकेट लॉन्चर के सफल परीक्षण के बाद अब बुधवार की मध्य रात्रि मैन पोर्टेबल-एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपी-एटीजीएम) का सफल परीक्षण किया गया है।

सैनिक अकेला ही कर सकता है वार

एंटी टैंक मिसाइल को एक सैनिक अकेला ही कंधे से कमाण्ड लॉन्च यूनिट के जरिए दाग सकता है। यह भी ‘दागो और भूल जाओ’ के सिद्धांत पर आधारित है और कुछ ही देर में दुश्मन के टैंक को जमीदोंज कर देगी। एमपी-एटीजीएम का परीक्षण बुधवार मध्य रात्रि पोकरण मरुस्थल में हुआ, जहां मिसाइल ने सफलतापूर्वक 2.5 किलोमीटर दूर पड़े लक्ष्य पर निशाना साधा। डीआरडीओ की यह थर्ड जनरेशन मिसाइल है जो इमेज इन्फ्रारेड राडार और इंटीग्रेटेड एविऑनिक्स से लैस है। डीआरडीओ ने यह मिसाइल हाल ही में विकसित की है।

उल्लेखनीय है कि भारत और पाक के मध्य 1971 में हुए युद्ध के दौरान लोंगेवाला सहित पश्चिमी राजस्थान के कई मोर्चों पर पाक की टैंक रेजिमेंट आ गई थी और सेना के पास उस वक्त उनको रोकने के लिए कोई हथियार नहीं था। अगले दिन सुबह जोधपुर से उड़े लड़ाकू विमानों ने इन टैंकों को धूल चटाई थी। इस बार आर्मी खुद अपने ही हथियारों के साथ तैनात है।

दुनिया को जता दिया: अब भारत ने विश्व को जता दिया है कि वह भी दुनिया को बड़ा और शक्तिशाली देश है। भारत किसी भी दुश्मन के हमले से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। हिस

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