बिखरने लगा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का कुनबा

रायपुर (एजेंसी)। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अस्तित्व के लिए ही खतरा उत्पन्न होता जा रहा है। बसपा जोगी गठबंधन के राजधानी रायपुर के उम्मीदवार खिलेश्वर साहू कांग्रेस के समर्थन में बैठने के लिए राजी हो गये हैं। यह जानकारी जोगी कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता रह चुके एवं अब कांग्रेस में शामिल नीतिन भंसाली ने शुक्रवार को दी है। उन्होंने बताया कि इस आशय की घोषणा कभी भी हो सकती है। खिलेश्वर साहू के साहू समाज एवं पिछड़ा वर्ग के वोट का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस के साथ जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि पिछले लंबे समय से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक सदस्यों के साथ-साथ बड़े नेता भी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। गुरुवार को लिम्हा में आयोजित भूपेश बघेल की सभा में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के बड़े नेता अनिल टाह भी कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। सच तो यह है कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सियासी भगदड़ की स्थिति बनी हुई है। पार्टी छोड़कर कांग्रेस में जाने वालों की कतार लंबी होती जा रही है। विधानसभा चुनाव बाद से जो सिलसिला शुरू हुआ है वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कांग्रेसी रणनीतिकारों के जवाब में भाजपा ने भी अब अपना दांव खेलना शुरू कर दिया है। इससे जकांछ में तोड़फोड़ की कोशिशें और भी तेज हो गई हैं।

गुरुवार को जकांछ में एक बार फिर तोड़फोड़ हुई। तखतपुर में भाजपाध्यक्ष अमित शाह की सभा थी। उनकी मौजूदगी में जकांछ के राजेश सोनी और अजय देवांगन के साथ बड़ी संख्या में जकांछ के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने भाजपा में प्रवेश किया। अमित शाह ने केसरिया गमछा पहनाकर उनके प्रवेश की औपचारिक घोषणा की। विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला अवसर है जब भाजपा के रणनीतिकारों ने जकांछ प्रमुख अजीत जोगी के घर में सेंध लगाई है। इसे संयोग ही कहा जाएगा कि जिस वक्त तखतपुर में जकांछ के कार्यकर्ता भाजपा में प्रवेश कर रहे थे, उसी वक्त लिम्हा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में जोगी के बेहद करीबी व सिपहसालार अनिल टाह ने घर वापसी की। उनके अलावा दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस प्रवेश किया है।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी ने बसपा के साथ चुनावी गठबंधन कर सबको चौंका दिया था। कांग्रेेस के रणनीतिकारों को जोगी ने एक तरह से झटका दे दिया था। तब ऐसा माना जा रहा था कि बसपा जकांछ के बीच गठबंधन के बाद तीसरी ताकत का जोर बढ़ेगा। प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका की संभावनाओं के चलते कांग्रेस का नाराज एक बड़ा धड़ा तब जकांछ में शामिल हो गया था। जकांछ का कुनबा विधानसभा चुनाव तक बढ़ता ही गया। तब इस बात की संभावना भी बनने लगी थी कि प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर होगा और चुनाव परिणाम के बाद जकांछ बसपा बड़ी भूमिका में नजर आने लगेगा।

मैदानी कार्यकर्ताओं में बढ़ने लगी नाराजगी

जकांछ से कांग्रेस प्रवेश करने वाले पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ से कांग्रेस के मैदानी कार्यकर्ता और दिग्गज नेताओं में नाराजगी पनपने लगी है। दबी जुबान से ये कहते भी सुने जा रहे हैं कि मौका परस्तों पर हर हाल में लगाम लगना चाहिए। मौका के हिसाब से राजनीति करने वाले एक बार फिर सत्ता का लाभ लेने जोगी को छोड़कर कांग्रेस में आ रहे हैं। जकांछ से कांग्रेस प्रवेश करने वालों को मैदानी कार्यकर्ता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने अनिल टाह के कांग्रेस प्रवेश को लेकर अपने पिछले बयान का खण्डन करते हुए कहा है कि गुरुवार को उनके नाम से जारी बयान उनके कार्यालय से भूलवश जारी किया गया था। जिसका उन्हें खेद है। अपने बयान में उन्होंने कहा है कि वे व्यक्तिगत रूप से अनिल टाह का अपने चाचा के रूप में सम्मान करते है। राजनीति रिश्तों से बड़ी नहीं हो सकती।

उल्लेखनीय है कि अमित जोगी के नाम से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया था कि कुछ लोगों के लिए कितना भी कर लो, दुनिया से लड़ लो, कम होता है। सत्ता की सुगंध उन्हें खींच ही ले जाती है। जब वे 1999 में हमारा साथ छोड़ चुके थे। पापा मुख्यमंत्री बने तो फिर वे 2003 में वापस आ गए । हम सत्ता से कोसों दूर हैं। ऐसे लोग जितना दूर रहें उतना अच्छा है। हि.स.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY