आकाश विजयवर्गीय को नहीं मिली जमानत, 7 जुलाई तक भेजे गए जेल

इंदौर (एजेंसी)। इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से जमानत नहीं मिली है। कोर्ट ने आकाश को न्‍यायिक हिरासत में 7 जुलाई तक जेल भेजने के आदेश दिए हैं, लेकिन जेल मैन्युअल के प्रावधानों के चलते उन्हें रात भर पुलिस हिरासत में रखा जाएगा और गुरुवार सुबह जेल भेजा जाएगा। आकाश के वकील गुरुवार को सेशन कोर्ट में जमानत की याचिका दायर करेंगे।

भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय और उनके नौ साथियों को पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जिला अदालत में पेश किया। इस प्रकरण में दोनों पक्षों की सुनवाई शाम के पहले ही पूरी हो गई थी लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के इंतजार में अदालत ने कोई आदेश नहीं किया। शाम 7 बजे के बाद जब पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत की तब उसके आधार पर अदालत ने भाजपा विधायक और उनके साथियों को जेल भेजने के आदेश दिए। चूंकि जेल मैनुअल के अनुसार शाम 7 बजे के बाद किसी को भी जेल में प्रवेश नहीं दिया जाता है, इसलिए विधायक विजय वर्गीय और उनके साथियों को जेल नहीं भेजा जा सका। फिलहाल उन्हें रात भर पुलिस हिरासत में रखा जाएगा और पुलिस गुरुवार सुबह सभी आरोपितों को जेल भेजेगी।

क्‍या है मामला
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय ने गंजी कंपाउंड में एकजर्जर मकान को तोडऩे गई नगर निगम की टीम के अधिकारियों को मकान तोडऩे से रोका और इस दौरान विवाद बढऩे पर एक निगम अधिकारी को क्रिकेट के बैट से पीट दिया। मामले में पुलिस ने निगम अधिकारी की शिकायत पर आकाश सहित अन्य अन्य के खिलाफ मारपीट, बलवा और शासकीय बाधा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ प्रकरण
विवाद में बाद विधायक आकाश के खिलाफ एमजी रोड थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और बलवा की धारा 353 , 294 , 506, 147, 148 में केस दर्ज किया गया है। भवन निरीक्षण धीरेंद्र बायस का कहना है कि खाली मकान जो जर्जर था उसे तोडऩे गए थे, विधायक आकाश और उनके 8 साथियों ने की मारपीट की।

नगर निगम में काम बंद
घटना की सूचना जैसे ही नगर निगम दफ्तर में लगी, सभी कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। निगमायुक्त आशीषसिंह के समझाने के बाद कर्मियों ने हड़ताल स्थगित कर दी।

आवेदन, निवेदन, फिर दे दनादन
मामले में विधायक आकाश विजयवर्गीय ने निगम कर्मियों पर पैसे लेकर मकान तोडऩे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और उनका भाग इस मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। आवेदन, निवेदन फिर दे-दना दन हमारे काम का तरीका है।

आकाश की हो जाती हत्या: मेंदोला
एमजी रोड थाने पहुंचे विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि निगम के कर्मचारी कांग्रेसी गुंडे के रूप में काम कर रहे थे। अगर आकाश विजयवर्गीय बैट नहीं उठाते, तो आकाश विजयवर्गीय की हत्या हो जाती, क्योंकि निगम कर्मियों के साथ कांग्रेसी गुंडे भी इकठ्ठे हो गए थे। मेंदोला ने निगम अधिकारियों द्वारा के खिलाफ जांच करने की बात भी कही।

निगमायुक्त ने की घटना की निंदा
घटना के बाद नगर निगम आयुक्त आशीषसिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि निगम द्वारा जर्जर मकानों की स्थिति देखने के बाद ही उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। हम किसी के दबाव में काम नहीं कर रहे हैं। आकाश और उनके समर्थकों ने शासकीय कार्य में बाधा डाली है। हमारे अधिकारी द्वारा एमजी रोड थाने में आकाश विजयवर्गीय और अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना का वीडियो भी मौजूद है। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।हि.स.

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