आरएसएस के नेताओं की सुरक्षा के लिए मांगी गई थी सूचना: एडीजी

पटना । स्पेशल ब्रांच की तरफ से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसकी 19 इकाइयों के नेताओं की कुंड़ली खंगाले जाने के आदेश पर पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार को अपनी सफाई देते हुए कहा कि आरएसएस नेताओं की सुरक्षा को लेकर स्पेशल ब्रांच के एसपी की ओर से यह जानकारी मांगी गई थी।
पत्रकारों से बात करते हुए एडीजी जीएस गंगवार ने बुधवार को यहां कहा कि स्पेशल ब्रांच की ओर से आरएसएस और उसकी 19 इकाइयों के संबंध में जो जानकारी मांगी गई थी उसकी कोई सूचना पुलिस मुख्यालय, गृह विभाग या सरकार को नहीं दी गई थी लेकिन समय -समय पर स्पेशल ब्रांच की ओर से इस प्रकार की सूचना अक्सर एकत्रित की जाती है। स्पेशल ब्रांच को यह सूचना मिली थी कि आरएसएस के कुछ नेताओं को खतरा है। इस सूचना के आलोक में स्पेशल ब्रांच की ओर से 28 मई को प्रदेश के सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखकर आरएसएस के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई थी लेकिन, एसपी की ओर से जो पत्र लिखा गया है उसका तरीका गलत है। इतने गंभीर मुद्दे पर एसपी ने किसी भी सीनियर अफसरों से कोई अनुमोदन प्राप्त नहीं किया है जो कि गलत है।
पत्रकारों ने जब एडीजी से पूछा कि जो पत्र निर्गत हुआ है वो सभी एसपी के साथ-साथ उसकी प्रति स्पेशल ब्रांच के एडीजी, आईजी और डीआईजी को भी भेजी है। एडीजी ने कहा कि एसपी का कोई पत्र पुलिस मुख्यालय के किसी भी पुलिस अफसर को नहीं मिला है। विभाग इसकी भी जांच करवा रहा है कि एसपी का पत्र कहां गया, कब गया और किसके पास गया है। करीब दो माह होने को हैं , वह पत्र अभी तक पुलिस मुख्यालय के किसी अधिकारी के पास नहीं पहुंचा है।
एडीजी ने कहा कि स्पेशल ब्रांच के एसपी से बिना सीनियर अफसरों के अनुमोदन के इसको कैसे भेजा । इसको लेकर उनसे जवाब मांग जा रहा है। वे फिलहाल शहर से बाहर हैं। ट्रेनिंग के लिए पुलिस अकादमी हैदराबाद गए हुए हैं। उनके वहां से लौटने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी। यह पूछने पर कि अगर आरएसएस नेताओं को जान का खतरा था तो क्या उनको सुरक्षा दी गई । इस पर एडीजी जीएस गंगवार ने कहा कि उनको सुरक्षा देने के लिए ही इस प्रकार की संभवतः स्पेशल ब्रांच की ओर से सूचना एकत्रित की जा रही थी। आरएसएस के साथ साथ और किन- किन संगठनों के संबंध में स्पेशल ब्रांच की ओर से सूचना मांगी गई है। इसपर एडीजी ने कोई जवाब नहीं दिया।

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