आयुक्त कक्ष में उपयंत्री को महिला ने चप्पलों से पीटा

बुरहानपुर । नगर निगम के उपयंत्री अनिल गंगराड़े आए दिन विवादों के कारण सुर्खियों में रहते है। इस बार उनकी होशियारी का भूत महिला ने पीटकर उतार दिया। महिला को घर पर बुलाना उपयंत्री को भारी पड़ गया। गुस्साई महिला ने इस उपयंत्री को चप्पल से पीटकर बुरी नियत का भूत उतार दिया।
दरअसल मामला ये है कि महिला की सास नगर निगम में कर्मचारी हैं। गार्डन में काम करतीं हैं। महिला की बहन की मौत हो गई थीं। इसलिए उसे और सास को बहन के ससुराल जाना था। इसलिए सास के अवकाश का आवेदन देने के लिए महिला सुबह 11 बजे नगर निगम में उपयंत्री अनिल गंगराड़े के पास पहुंचीं। आवेदन देने गईं महिला से गंगराड़े जबरन ही इधर-उधर की बातें करने लगा। घर, परिवार की जानकारी लेने लगा। पति के बारे में पूछा तो महिला ने कहा मेरा पति काम, धंधा नहीं करता है। इस पर अनिल गंगराड़े ने कहा तुम शाम 5 बजे मेरे घर आ जाओं। बात करेंगे। महिला गंगराड़े की बुरी नियत को समझ गई। वो नगर निगम से सीधे घर गईं और पति को पूरी बात बताई। पति को भी इस बात पर गुस्सा आया। दोनों दोपहर 2 बजे नगर निगम पहुंचे। नगर निगम आयुक्त भगवानदास भुमरकर से शिकायत की। महिला के शिकायत करने के बाद आयुक्त ने अनिल गंगराड़े को आफिस में बुलाया, लेकिन वो एक घंटे तक नहीं आया। एक घंटे बाद अनिल गंगराड़े आयुक्त के कक्ष में पहुंचा तो महिला ने उसे खूब खरी-खोटी सुनाई। आक्रोशित महिला अनिल गंगराड़े के पास पहुंची और चप्पल से पीटना शुरू कर दिया। बचने के लिए अनिल गंगाराड़े आयुक्त के पीछे छिप गया। आयुक्त ने बीच बचाव किया। महिला को समझाईश देकर शांत कराया। आयुक्त ने भी अनिल गंगराड़े पर नाराज हुए। दो घंटे तक महिला ने आयुक्त के कक्ष में आक्रोश जताया। आयुक्त के आफिस में चल रहे इस पूरे मामले की आवाजें बाहर तक आ रही थी। सुनने के लिए नगर निगम के अन्य अफसर, कर्मचारी आयुक्त के कक्ष के बाहर खड़े हो गए। बाहर खड़े लोगों ने कहा अंदर से महिला के चिल्लाने और गंगराड़े की गिड़गिड़ाने की आवाज आ रही थी। सभी ने कहा ये अफसर का गलत रवैया है। इस तरह की हरकत नहीं करना चाहिए। मामले में उपयंत्री भी सफाई देने से नहीं चूका, उसने महिला को मानसिक रोगी कह दिया। गंगराड़े बोला महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उपयंत्री को निगमायुक्त ने कारण बताओं नोटिस जारी कर दिया है।
पहले भी एक महिला कर चुकी हैं शिकायत
उपयंत्री अनिल गंगराड़े के बारे में बताते चले कि इस पर पहले से ही महिलाओं पर बुरी नजर रखने के आरोप लगते रहे हैं। इसकी हरकतों को निगम का हर अफसर, कर्मचारी अच्छी तरह जानता है। इससे पहले भी एक महिला अनिल गंगराड़े पर आरोप लगा चुकी हैं। अपनी हरकतों के कारण अनिल गंगराड़े हमेशा चर्चा में रहता है। शिकायतों के बाद भी इस पर सख्त कार्रवाई नही की गई है। अगर पहले से इस पर कार्रवाई होती और अफसर इसकी हरकतों को संज्ञान में लेते तो आज ये नौबत नहीं आती।
हो चुका है ट्रांसफर
अनिल गंगराड़े की शिकायतें मिलना आम बात है। कोई ना कोई किसी तरह की शिकायत करने के लिए नगर निगम पहुंचता है। शिकायतों के बाद करीब तीन माह पहले उसका नगर निगम से दूसरे शहर ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी उसने बुरहानपुर नगर निगम नहीं छोड़ी है। उल्लेखनीय है कि अनिल गंगराड़े के पास शहर के सभी गार्डनों का चार्ज है। गार्डन में मजदूर महिलाएं काम करतीं है। बताते हैं गंगराड़े का व्यवहार महिलाओं के साथ अच्छा नहीं है। अब अफसरों को इस यंत्री के बारे में कुछ सोचना चाहिए।
ठेकेदारों ने भी खोला मोर्चा
आज का दिन उपयंत्री अनिल गंगराड़े के लिए विवादों भरा रहा। जहां एक ओर महिला ने चप्पलों से धुनाई की। वहीं निगम के ठेकेदारों ने भी उपयंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ठेकेदारों ने निगम परिसर में उपयंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ठेकेदारों का आरोप है कि उपयंत्री ने ठेकेदारों को चोर कहा। इससे आहत निगम के सभी ठेकेदारों ने निगम आयुक्त से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

क्‍या कहते हैं अधिकारी….
महिला द्वारा मुझपर जो आरोप लगाये जा रहे है वे निराधार और असत्य है। महिला छूट्टी का आवेदन देने आई थी। मेरे द्वारा किसी प्रकार का अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है। महिला मेरी बहन समान है।
-अनिल गंगराड़े, उपयंत्री
महिला ने अभद्रता को लेकर निगम उपयंत्री के खिलाफ शिकायत की है। मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-बी.डी. भूमरकर, आयुक्त नपानि

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