बढ़ने लगा सरदार सरोवर का जलस्‍तर, डूब प्रभावितों ने लगाया हाईवे पर जाम

बड़वानी। राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हो रही बारिश ने जन-जीवन अस्‍तव्‍यस्‍त कर दिया है। कई इलाकों में हो रही तेज बारिश से सड़क सपर्क भी टूट गया है। दूसरी ओर बड़वानी जिले में सरदार सरोवर डैम का जलस्‍तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां नर्मदा के पानी से राजघाट पुल पूरी तरह जलमग्‍न हो गया है। मंगलवार सुबह नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर के नेतृत्‍व में कार्यकर्ताओं ने खलघाट हाईवे पर जाम लगा दिया।
जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं तो दूसरी ओर नर्मदा का जलस्त‍र भी बढ़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा निचले इलाकों में हाई अलर्ट कर दिया गया है। लगातार बारिश से प्रदेश के लगभग 28 प्रमुख डैम फुल हो चुके हैं। जिनमें से 19 डैमों के अभी तक गेट खोले जा चुके हैं। वहीं जबलपुर के बरगी डैम से छोड़े जा रहे पानी से नर्मदा भी खतरे के निशान से उपर बह रही हैं। इस कारण सरदार सरोवर डैम के पानी में लगातार बृद्धि हो रही है। यहां पर कई गांव पानी से घिर चुके हैं, हालांकि यहां पर एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
सुबह नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ खलघाट हाईवे पर जाम लगा दिया। सभी डूब प्रभावित सरदार सरोवर बांध भरने का विरोध कर रहे हैं। धार जिले के धरमपुरी तहसील अंतर्गत आने वाले हाईवे पर डूब प्रभावित इलाके के हजारों लोग बड़ी संख्या पहुंच गए। इनका कहना है कि हमें अभी तक पूरा मुआवजा नहीं मिला और इसके पहले ही उन्हें उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है ऊपर से हमें पानी में डुबाया जा रहा है।
विदित हो कि एक दिन पहले बड़वानी में सरदार सरोवर डूब क्षेत्र में एक बिजली के तार ने दो लोगों की मौत हो गई थी। बिजली कंपनी की इस लापरवाही को लेकर भी लोगों में आक्रोश नजर आ रहा है।
दक्षिणी गुजरात के नवागाम में बने सरदार सरोवर बांध के सभी 30 गेटों के बंद होने से बांध का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे मध्यप्रदेश के हिस्से में पानी का स्तर रात-दिन बढ़ रहा है। वहीं बड़वानी जिले में नर्मदा नदी पर बना राजघाट का पुल भी जलमग्न हो गया है। यहां पानी का स्तर 127.500 मीटर पर पहुंच गया है। नर्मदा खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपर बह रही है। जिला प्रशासन भी पानी को देखते हुए सतर्क है।
लगातार बढ़ते नर्मदा के जल स्तर के बीच नर्मदा बचाओ आंदोलन ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है। ये सभी सरदार सरोवर बांध के गेट खोलने की मांग कर रहे हैं। नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने बताया कि बांध के गेट नहीं खुलने तक सत्याग्रह जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार मध्यसप्रदेश के केचमेंट एरिया में हो रही बारिश के कारण नर्मदा नदी का जल स्तर दिन पर दिन बढ़ रहा है इसी कारण यह पानी सरदार सरोवर बांध में इकठ्ठा होने लगा है, जिससे बांध का पानी धीरे-धीरे निचले इलाकों में बढ़ने लगा है, हालांकि कुछ दिन पहले ही गुजरात प्रशासन द्वारा डैम के 21 गेट खोल दिए गए थे जिससे पानी का स्‍तर कम हो गया है, लेकिन गेट बंद होने से एक बार फिर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सरकार द्वारा डूब में बाने वाले गांवों में इसकी सूचना पहले ही दे दी गई है।
विदित हो कि यहां डूब में आने वाले करीब 93 गांव और 40 हजार परिवार इसकी की चपेट में है, हालांकि अधिकांश परिवारों को प्रशासन द्वारा विस्थापित कर दिया गया है, लेकिन कुछ जगह अभी लोग अपने मूल गांव में रह रहे हैं।
हाल ही में इन्दौर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी द्वारा सरदार सरोवर के बेक वाटर से डूब प्रभावित ग्राम कुकरा (राजघाट) एवं बिजासन का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर अमित तोमर एवं पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार ने डूब प्रभावित ग्रामों में अभी भी रुके, परिवारों से भी आव्हान किया है कि वे समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाए, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले चौबीस घंटों के दौरान तेज बारिश होने की चेतावनी दी है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY