म.प्र : सुरक्षा संस्थान के कर्मियों की हड़ताल से खमरिया आयुध निर्माणी में कामकाज ठप

जबलपुर । निगमीकरण को लेकर देशभर के सुरक्षा संस्थानों के कर्मचारी मंगलवार से एक महीने की हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का असर जबलपुर में भी देखने को मिला है। जिले के खमरिया स्थित आयुध निर्माणी का कामकाज पूरी तरह ठप है। यहां ऑडनेंस फैक्ट्री, गन कैरिज फैक्ट्री, व्हीकल फैक्ट्री व ग्रे आयरन फाउंड्री फैक्ट्री के कर्मचारी हड़ताल पर हैं और फैक्ट्रियों के गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कुछ कर्मियों ने काम पर जाने की कोशिश भी की, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और उन्हें भी प्रदर्शन में शामिल कर लिया।

हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि अगर सुरक्षा संस्थानों का निगमीकरण होता है तो ना सिर्फ देश पर खतरा मंडरा आएगा, बल्कि हजारों कर्मचारी कारपोरेट सेक्टर में बंधकर रह जाएंगे। मंगलवार को सुबह से ही जबलपुर स्थित आयुध निर्माणी के गेट पर यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य प्रदर्शन कर रहे हैं और अन्य कर्मियों को भी अंदर जाने से रोक रहे हैं। इधर, सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर भरत यादव ने जबलपुर में धारा 144 लागू कर दी है और आयुध निर्माणी के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है।

आयुध निर्माणी के कर्मियों का कहना है कि एक तरफ तो केंद्र सरकार सेना को मजबूत करने का दावा कर रही है और दूसरी तरफ सुरक्षा संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। अगर सुरक्षा संस्थानों के निगमीकरण के फैसले पर अमल किया गया तो कर्मचारियों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि जबलपुर के खमरिया स्थित आयुध निर्माणी में भारतीय सेना के लिए बम, गोला बारूद, तोप और अन्य घातक हथियार बनाये जाते हैं, लेकिन मंगलवार को कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यहां सुबह से ताले लगे हुए हैं। केंद्र सरकार के निगमीकरण के फैसले के खिलाफ कर्मचारी एक महीने की हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारी केंद्र सरकार के इस फैसला का विरोध कर रहे हैं। आयुध निर्माणी के कर्मचारियों ने यहां सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और निगमीकरण के प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की। एजेंसी (हि.स.)

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