योगी कैबिनेट का फैसला, अक्टूबर से बनना शुरू होगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महात्वाकांक्षी परियोजना ‘बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे’ का निर्माण कार्य अक्टूबर माह में प्रारम्भ हो जायेगा। परियोजना के डीपीआर में कुछ संसोधन था, जिसे मंगलवार को कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोकभवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इस दौरान राज्य सरकार के 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता और केबिनेट मंत्री द्वय श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के विभिन्न पैकेजों के निर्माण के लिये संसोधित डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को आज मंजूरी दी गयी। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए अब सारी प्रक्रियायें 45 दिन में पूरी कर ली जायेंगी। उन्होंने बताया निर्माण कार्य अक्टूबर माह से प्रारम्भ हो जायेगा और करीब तीन साल में यह एक्सप्रेस वे बनकर तैयार होगा।

मंत्री ने बताया कि 296 किमी लंबे इस एक्सप्रेस वे का खर्च पहले 14716 करोड़ रुपया प्रस्तावित था, जो अब 132.83 करोड़ और बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेस वे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, उरई सहित पूरा बुंदेलखंड कवर करेगा। शर्मा ने बताया कि कैबिनेट ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के डीपीआर में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। इसकी प्रक्रिया भी 45 दिन ने पूरी होगी। उन्होंने बताया कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे 91 किमी लम्बा होगा। इसकी अनुमानित लागत पहले 5555 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 5876 करोड़ हो गई है।

570 मिलियन डॉलर की यूपी कोर रोड नेटवर्क परियोजना मंजूर
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने विश्व बैंक के ऋण से प्रस्तावित यूपी कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेंट परियोजना के रोड सेफ्टी घटक के तहत कराए जाने वाले कार्यों को भी मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना 570 मिलियन डॉलर लागत की है, जिसमें से 470 मिलियन डॉलर विश्व बैंक देगा। बाकी राज्य सरकार खर्च करेगी। इसके तहत गृह, परिवहन और पीडब्ल्यूडी कार्य की योजना तय करेंगे।

अन्य प्रमुख फैसले
1- कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की 589.35 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया को दी जाएगी। इसमें स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन में छूट दी जाएगी। कैबिनेट ने इस सम्बंध में अन्य फैसलों के लिये मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
2- लखनऊ स्थित लोहिया संयुक्त चिकित्सालय और लोहिया इंस्टिट्यूट के कर्मचारियों के विलय को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके तहत 187 में से 161 कर्मचारियों को लोहिया इंस्टिट्यूट भेजा जाएगा। वहीं 20 कर्मचारियों को लोकबंधु और छह को अन्यत्र भेजा जायेगा। चार चिकित्सक प्रतिनियुक्ति के आधार पर इंस्टिट्यूट जायेंगे और 39 चिकित्सकों को अन्य अस्पतालों में सम्बद्ध किया जायेगा।
3- कैबिनेट ने प्रदेश में किशोर न्याय नियमावली का सृजन मंजूर किया। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि केंद्रीय किशोर न्याय अधिनियम 2015 के संदर्भ में यह नियमावली बनाई गई है। किशोर के प्रति अपराध का वर्गीकरण किया गया है। सभी स्तर पर जवाबदेही तय की गई है।
4- भूगर्भ विभाग में तकनीकी अधिष्ठान के समूह ख के 45 पद और ग के 45 खाली पदों पर भर्तियां न होने तक अवकाशप्राप्त कमर्चारियों को संविदा के आधार पर रखा जायेगा।
5- प्रयागराज में न्यायमूर्तियों के लिये बन रही टाउनशिप के लिये 395 करोड़ का प्रस्ताव था। अब इसकी लागत 295.60 करोड़ रुपये कर दी गयी है। मंत्री ने बताया कि इस परियोजना से ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट को हटा दिया गया है।
6- मेडिकल कालेज निर्माण के लिये प्रतापगढ़ को 3.10 करोड़ और सिद्धार्थनगर का 25.77 लाख रुपया देने का प्रस्ताव मंजूर।
7- केजीएमयू को भी पीजीआई की तर्ज पर वेतनमान।
8- स्वायत्त मेडिकल संस्थाओं में रिक्त 1749 पदों में से 718 रिक्त पदों को संविदा से भरा जाएगा।
9- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ नर्सिंग नियमावली में बदलाव। इसके तहत पुरुष स्टाफ नर्स के लिये साइकेट्री में भी डिप्लोमा होगा।
10- लोहिया इंस्टिट्यूट के सभी शिक्षकों-कर्मचारियों को पीजीआई की तर्ज पर 7वां वेतनमान।
11- बीबीएयू में बॉटनिकल गार्डन के लिये एक करोड़ और योग केंद्र की स्थापना के लिये 25 लाख रुपये मंजूर। एजेंसी (हि.स.)

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