सीमेंट का घोल पिलाकर भरी जा रहीं भ्रष्टाचार की दरारें

नरसिंहपुर/सुआतला। एनएच 12 को फोरलाईन में तब्दील करने की कवायद में जनप्रतिनिधियों, एनएचआई व प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि जो सड़क वर्षों-वर्षों तक चलनी थी, वह बनते ही दरक रही है। जबलपुर-भोपाल मार्ग में हिरण नदी पुल से सिंगूर नदी पुल तक कृष्णा कंट्रक्शन द्वारा किया जा रहा चारलाईन सड़क का निर्माण भ्रष्टाचार का पर्याय बना हुआ है। निर्माण कंपनी द्वारा गुणवत्ता को ताक पर रखकर किये जा रहे कार्य का परिणाम यह हुआ कि अनगिनत स्थानों पर सड़कों में उभरी दरारें इस सड़क का भविष्य बता रही हैं। हमने सड़क निर्माण कंपनी की इस अनियमित्ता-भ्रष्टाचार व जिम्मेदारों की अनदेखी को लेकर 26 अगस्त को खबर प्रकाशित कर एनएचआई व प्रशासन का ध्यानाकृष्ट कराने की कोशिश की थी, पर कंपनी के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बजाये उन्हे अपनी करनी छिपाने का तरीका बता दिया गया। अब सड़क निर्माण कंपनी द्वारा सीमेंट-सड़क में उभरी दरारों को सीमेंट का घोल पिलाकर भरने की कोशिश की जा रही है। बीते दिवस एनएच 12 में रोंसरा व जमनिया के बीच कई लंबी-लंबी दरारों को सीमेंट का घोल पिलाकर भर तो दिया गया लेकिन सड़क की यह मरम्मत चंद दिन ही चल पायेगी। यहां करीब 2 किमी तक सड़क पर दरारें ही दरारें झांक रही हैं। कुछ जगह पर सड़क के क्षतिग्रस्त होने के निशान इसलिए नजर नही आ रहे क्योंकि कंपनी द्वारा वह स्थान तराई के नाम पर बोरों से ढ़क दिये गये हैं।

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