कोहली का एक और विराट कारनामा, बने भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान

खेल डेस्क। विराट कोहली को क्रिकेट की दुनिया में रन मशीन के नाम से जाना जाता हैं लेकिन अब इसके इतर उनकी एक और पहचान बन गई हैं. दरअसल विराट कोहली अब देश के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बन गए हैं।

विराट कोहली ने जमैका टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. कोहली ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया हैं. कोहली की अगुआई में भारत ने 48 टेस्ट मैचों में 28 टेस्ट जीते हैं.

उन्होंने ये उपलब्धि वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन अपने नाम की. भारत ने जमैका में खेले गए दो टेस्ट की सीरीज के दूसरे मैच में चौथे दिन वेस्टइंडीज को 257 रन से हरा दिया.

इसी के साथ टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज से टेस्ट सीरीज 2-0 से जीत ली. वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की यह लगातार आठवीं टेस्ट सीरीज है जिसमें भारत ने जीत हासिल की है. साल 2002 के बाद से ही टीम इंडिया के खिलाफ वेस्टइंडीज की टीम टेस्ट सीरीज जीतने में सफल नहीं हो सकी है.

इस जीत के साथ ही भारतीय कप्तान ने टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ा है जिनकी अगुआई में भारत ने 60 मैचों में से 27 में जीत दर्ज की थी. वहीं विराट कोहली की अगुआई में अब तक भारत सिर्फ 10 टेस्ट हारा है.

जबकि धोनी की कप्तानी में टीम को 18 मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा था. भारतीय टीम के विंडीज दौरे की बात की जाए तो टीम इंडिया कैरेबियन धरती पर इस बार अजेय रही. जो वाकई काबिल-ए-तारीफ है.

विदेशी जमीन पर भी जीत के मामले में भी कोहली भारत के सबसे सफल कप्तान हैं. उनकी कप्तानी में टीम विदेश में अब तक 13 टेस्ट सीरीज जीत चुकी है. वहीं गांगुली विदेशी धऱती पर 11 सीरीज जीत चुके है.

कोहली सबसे पहले 2014 में टेस्ट में भारतीय टीम के कप्तान बने थे. भारतीय टीम के लिए ये दौरा जितना शानदार गया, उससे कहीं ज्यादा ये वेस्टइंडीज टूर कप्तान विराट कोहली के लिए शानदार रहा.

ऐसा तीसरी बार है जब वेस्टइंडीज के दौरे पर विराट कोहली ने कोई खास उपलब्धि हासिल की है. इससे पहले विराट कोहली दो बार कैरेबियाई दौरे पर आए हैं और दोनों ही बार उन्होंने यहां गजब का खेल दिखाया हैं.

दरअसल इससे पहले कोहली ने साल 2011 में अपना टेस्ट डेब्यू वेस्टइंडीज के खिलाफ कैरेबियाई सरजमीं पर किया था. कोहली ने जमैका के इसी सबीना पार्क स्टेडियम में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था.

जहां वे आज 8 साल बाद भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाले कप्तान बने हैं. इसके अलावा विराट कोहली ने साल 2016 में नोर्थ साउंड के मैदान पर टेस्ट मैच में अपना पहला दोहरा शतक लगाया था.

जिसके बाद से ही विराट कोहली अपने बल्ले के दम पर टीम इंडिया को कई नई सफलाताएं दिला चुके हैं. कोहली ने अपनी कप्तानी में भारत को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी मजूबत टीम के खिलाफ जीत दिलाई हैं.

हालांकि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में उन्हें हार मिली थी. लेकिन कोहली ने इस नाकामी को पीछे छोड़ते हुए बीते साल भारत को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट में 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाकर 71 साल के सूखे को खत्म किया था.

कोहली मैदान पर जब भी उतरते है तो कोई न कोई नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते हैं. लेकिन अब कप्तानी में भी कोहली ने ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जिसकी बदौलत टीम इंडिया ने सफलता की एक नई इबारत गढ़ी हैं.

अगर कोहली मैदान पर इसी तरह की बुलंदियों को छूते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब वो दुनिया के श्रेष्ठतम कप्तानों में शुमार हो जाएंगे. कोहली का यह कारनामा उन आलोचकों के लिए करारा जवाब है जो वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में मिली हार के बाद उनकी कप्तानी को लेकर सवाल उठा रहे थे.

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