दिग्विजय राजनीतिक प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान दोनों खो चुके हैं : भाजपा

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने कहा है कि यह दुर्भाग्य ही है कि दिग्विजय सिंह जैसे व्यक्ति पर भी टिप्पणी करना पड़ रही है। जबकि सच तो यह है कि दिग्विजय सिंह जो आज राजनीति में अप्रासंगिक हो गए हैं और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल चुकी है, इसलिए वे अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद में ऐसे सिरफिरे बयान देते हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और बजरंग दल के बारे में घटिया बयान देने वाले दिग्विजय सिंह उस दर्दनाक घटना पर कुछ नहीं बोलते जब सिख समाज की एक बेटी को पाकिस्तान में जबरन धर्मान्तरण कराकर मुसलमान बना दिया जाता है। आये दिन ओसामा बिल लादेन और हाफिज शहीद जैसे आतंकवादियों के गुणगान करने वाली दिग्विजय सिंह को उस सिख बेटी पर हुए अत्याचार पर भी अपना मुह खोलना चाहिए था। लेकिन सारी दुनिया जानती है कि वे अपनी पाक परस्ती और आतंकवादियों की रहनुमाई के कारण ऐसा नहीं कर सकते। अच्छा होगा कि दिग्विजय सिंह हिन्दु समाज से और राष्ट्रवादी संगठनों से माफी मांगे, वरना वह दिन दूर नहीं है जब भारत में लोग उनकी सूरत भी देखना पसंद नहीं करेंगे।
राकेश सिंह ने कहा कि दिग्विजय सिंह और उनके जैसे कांग्रेस के नेता कश्मीर में अनुच्छेद-370 के समर्थन में छाती पीटते रहे और वहां लगातार हिंदुओं और सिखों पर होने वाले अत्याचार पर खुश होते रहे। भारतीय जनता पार्टी के लिए राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है। आज नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार भारत को मजबूत बनाने की दिशा में जिस तेजी से काम कर रही है, उसका लोहा सारी दुनिया मानती है। अपने 10 साल के कार्यकाल में सिमी जैसे आतंकवादी संगठनों को पनपाने का काम करने वाले दिग्विजय सिंह जैसे लोग राष्ट्रभक्ति का अर्थ नहीं समझ सकते वह सिर्फ देश को बाटने की और नफरत फैलाने की राजनीति कर सकते है।

दिग्विजय राजनीतिक प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान दोनों खो चुके हैं : भाजपा
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने कहा है कि यह दुर्भाग्य ही है कि दिग्विजय सिंह जैसे व्यक्ति पर भी टिप्पणी करना पड़ रही है। जबकि सच तो यह है कि दिग्विजय सिंह जो आज राजनीति में अप्रासंगिक हो गए हैं और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल चुकी है, इसलिए वे अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद में ऐसे सिरफिरे बयान देते हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और बजरंग दल के बारे में घटिया बयान देने वाले दिग्विजय सिंह उस दर्दनाक घटना पर कुछ नहीं बोलते जब सिख समाज की एक बेटी को पाकिस्तान में जबरन धर्मान्तरण कराकर मुसलमान बना दिया जाता है। आये दिन ओसामा बिल लादेन और हाफिज शहीद जैसे आतंकवादियों के गुणगान करने वाली दिग्विजय सिंह को उस सिख बेटी पर हुए अत्याचार पर भी अपना मुह खोलना चाहिए था। लेकिन सारी दुनिया जानती है कि वे अपनी पाक परस्ती और आतंकवादियों की रहनुमाई के कारण ऐसा नहीं कर सकते। अच्छा होगा कि दिग्विजय सिंह हिन्दु समाज से और राष्ट्रवादी संगठनों से माफी मांगे, वरना वह दिन दूर नहीं है जब भारत में लोग उनकी सूरत भी देखना पसंद नहीं करेंगे।
राकेश सिंह ने कहा कि दिग्विजय सिंह और उनके जैसे कांग्रेस के नेता कश्मीर में अनुच्छेद-370 के समर्थन में छाती पीटते रहे और वहां लगातार हिंदुओं और सिखों पर होने वाले अत्याचार पर खुश होते रहे। भारतीय जनता पार्टी के लिए राष्ट्रहित ही सर्वोपरि है। आज नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार भारत को मजबूत बनाने की दिशा में जिस तेजी से काम कर रही है, उसका लोहा सारी दुनिया मानती है। अपने 10 साल के कार्यकाल में सिमी जैसे आतंकवादी संगठनों को पनपाने का काम करने वाले दिग्विजय सिंह जैसे लोग राष्ट्रभक्ति का अर्थ नहीं समझ सकते वह सिर्फ देश को बाटने की और नफरत फैलाने की राजनीति कर सकते है।

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