धरोहर समारोह में दिखी मप्र की विभिन्न जनजातियों की कलाकृतियां

भोपाल। मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय नृत्यों एवं पारम्परिक व्यंजनों पर एकाग्र ‘धरोहर समारोह’ में आज मध्यप्रदेश और गुजरात के जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियाँ हुईं|
संग्रहालय प्रांगण में होने वाले नृत्य
रुपसिंह कुशराम(डिंडौरी) ने अपने साथी कलाकारों के साथ गोंड जनजाति का ‘करमा नृत्य’ दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया| गोंड जनजाति भादों माह के शुक्ल पक्ष में अपने इष्ट देव, कुल देव, बड़ा देव और अन्य देवी-देवताओं की पूजा कर नवा खाते हैं| नवा खाने के बाद ही फिर नई उमंग और उल्लास के साथ इस नृत्य को किया जाता है| करमा नृत्य को रुपसिंह कुशराम ने संग्रहालय प्रांगण में ‘पानी गिरया झिम के, नागर फांदैय मिलके’ गीत पर लगभग 15 साथी कलाकारों के साथ अपने कलात्मक नृत्य माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया| नृत्य प्रस्तुति के दौरान कलारिन बाई, रेखा, सुलोचना, मति बजरी बाई, नाहर सिंह, संजीव, दलवीर और बिहारी भवेदी आदि ने अपने नृत्य कौशल से दर्शकों का मन मोह लिया| प्रस्तुति के दौरान मांदल पर शिवचरण कुशराम और खुमान सिंह कुशराम ने, टिमकी पर सतीष भवेदी ने और शहनाई पर रवि मार्को ने सहयोग किया|
मंशाराम(हरदा) ने अपने साथी कलाकारों के साथ कोरकू जनजाति का ‘थापटी नृत्य’ दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया| इस नृत्य को विशेष पर्व-उत्सवों में और त्योहारों पर किया जाता है| इस नृत्य में पुरुष हाथ में पंचा और महिला नर्तक दोनों हाथ में चिटकोरा बजाते हुए नृत्य करती हैं। थापटी नृत्य वैशाख मास के महीने में किया जाता है। इस नृत्य का मुख्य वाद्य ढोलक और बाँसुरी है। नृत्य प्रस्तुति के दौरान नारायण, गणेश, ताराचंद, अन्नू, रामरती, पूजा और ज्योति आदि ने अपने नृत्य कौशल दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया| नृत्य प्रस्तुति के दौरान ढोल पर अनोखी लाल और बलराम ने और बाँसुरी पर मंशाराम और परशुराम ने सहयोग किया|

मोरी जाकिर भाई(गीर सोमनाथ) ने अपने साथी कलाकारों के साथ सिद्धी जनजाति का ‘सिद्धी धमाल नृत्य’ दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया| इस नृत्य को शादी-विवाह के अवसर पर किया जाता है| इस नृत्य में नृत्य करने वाले कलाकारों का उत्साह और उल्लास देखने लायक होता है| इस नृत्य को प्रायः ही ढोल पर किया जाता है| नृत्य प्रस्तुति के दौरान ज़ाकिर, साहिल, एज़ाज़, रमजान और नसुरुद्दीन आदि ने अपने नृत्य कौशल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया| प्रस्तुति के दौरान ढोल वादन में हुसैन, मोना| , सादिक और इमरान ने सहयोग किया|

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