Monday, October 15, 2018

सुबह सवेरे…

अखबार नहीं, डेली न्यूज मैग्जीन …

खबरों के थपेड़ों में विचारों का सुकून भरा झोंका। एक किरण जो आपके मन और मस्तिष्क को झंकृत कर दे। हर हलचल, घटना और गतिविधि को अलग अंदाज और नजरिए से देखने का आग्रह। कुछ दशकों से पत्रकारिता ने ऐसा मोड़ ले लिया है, जिसमें अमूमन खबर, घटना और इंसान केवल एक तंत्र या रैकेट में बदल गए हैं। दुराग्रहों ने पत्रकारिता को पीछे ठेल कर उसे धंधे में बदलने पर विवश किया है। ‘सुबह सवेरे’ इस दुराग्रह को एक सकारात्मक आग्रह में बदलने का संकल्पित प्रयास है। एक ऐसा फलक, जिस पर मन को मथने वाले कई विचारवान हस्ताक्षर हैं। प्रदेश के जाने माने पत्रकार उमेश त्रिवेदी की बेबाक कलम के साथ कई स्थापित पत्रकारों और चिंतकों की लेखनी से रोशन ‘सुबह सवेरे’ हर दिन एक नई दस्तक देगा। इसी में शुमार होंगे पत्रकारिता के कई स्थापित नाम जैसे अरूण पटेल, गिरीश उपाध्याय, अजय बोकिल, पंकज शुक्ला, हेमंत पाल आदि।
‘सुबह सवेरे’ टीम की कोशिश है कि जीवन में प्रामाणिकता, विश्वसनीयता और संवाद की फिर से प्रतिष्ठा हो। घटना के हर पहलू का अनावरण हो और वस्तुनिष्ठ भाव से उसका आकलन हो। इस विचार यज्ञ में देश और प्रदेश के कई नामचीन चेहरे अपनी सार्थक लेखनी के साथ आहुति देंगे। खबरों में दबी खबर को उधेड़ने के साथ विचारोत्तेजक और रोचक स्तम्भों के माध्यम से आपकी जिज्ञासा को शांत करने का प्रयास करेंगे।

’सुबह सवेरे’ केवल दिनचर्या का आरंभ नहीं, दिन को बूझने और जानने का अनूठा आग्रह है…

तो फिर देर किस बात की…

उठिए और इस अभियान का हिस्सा बन जाइए…

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