Monday, December 18, 2017

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उमेश त्रिवेदी

उमेश त्रिवेदी मध्यप्रदेश के शीर्षस्थ और राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान रखने वाले ख्यातलब्ध पत्रकार हैं। श्री त्रिवेदी करीब चार दशकों तक प्रतिष्ठित पत्र ‘नईदुनिया’ से सम्बद्ध रहे और समूह संपादक पद का दायित्व कुशलता से निभाया। वे एक ऐसी भावपूर्ण और मन मस्तिष्क को मथने वाली भाषा के धनी हैं, जो आज की पत्रकारिता में विरल है। ‘नईदुनिया’ मे रहते हुए श्री त्रिवेदी ने कई अभिनव प्रयोग किए। इसके बाद वे भोपाल से प्रकाशित सांध्य दैनिक ‘प्रदेश टुडे’ के चीफ एडिटोरियल डायरेक्टर बने। सार्थक पत्रकारिता के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता और पत्रकारीय मूल्यों को सहेजने के आग्रह के कारण श्री त्रिवेदी ने स्वयं ‘सुबह सवेरे’ दैनिक अखबार प्रारंभ करने की पहल की। ‘सुबह सवेरे’ ने अल्पावधि में ही अपनी अनोखी प्रस्तुति और पठनीय सामग्री से ही अलग पहचान कायम की है।

एमए तक शिक्षित श्री त्रिवेदी का जन्म 23 सितम्बर 1950 को इंदौर में हुआ। 1974 में आप ‘नईदुनिया’ (इंदौर) से जुड़े। आपने थामसन फाउंडेशन कार्डिफ इंग्लैण्ड और प्रेस इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया द्वारा (कोट्टायम, 1978) आयोजित डिप्लोमा इन एडवांस एडिटोरियल कोर्स किया। वे नईदुनिया के भोपाल ब्यूरो चीफ और 1999 में वे नईदुनिया के सहप्रकाशन ‘राज्य की नईदुनिया’ के संपादक बने। इसी दौरान उन्होंने ‘सिटीजन्स रिपोर्टर’ की बुनियाद रखी थी। यह कॉलम ‘हजार पहरुए, लाखों आंखें’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ। इसी के साथ बेटियों को आगे बढ़ाने ‘वाह मेरी मुन्नी’ स्तम्भ भी प्रारंभ किया गया। साथ ही कारगिल के जवानों को मप्र के हजारों बच्चों द्वारा भेजी गई शुभकामनाओं की सराहना तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने स्वयं की थी। श्री त्रिवेदी ने ही सबसे पहले नईदुनिया में ‘सकारात्मक सोमवार’ की शुरूआत की। श्री त्रिवेदी के स्तम्भ ‘राजधानी में आजकल’, ‘दरबारे खास’, ‘बेताल कथा’ और ‘देशकाल’ अत्यंत लोकप्रिय हुए। श्री त्रिवेदी के निर्देशन में वर्ष 1996 में लोकसभा चुनाव के पूर्व ‘राज्य की नईदुनिया’ का ‘लोकसभा-96’ तथा स्वतंत्रता की पचासवीं वर्षगांठ पर ‘राज्य की नईदुनिया’ का स्वाधीनता विशेषांक प्रकाशित हुआ। आप श्री अरविंद सोसायटी भोपाल द्वारा प्रकाशित आध्यात्मिक पत्रिका ‘आॅरो टाइम्स’ के प्रधान संपादक भी हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्री अरविंद के विचारों पर केन्द्रित पुस्तक ‘श्री अरविंद का भारत’ का संपादन भी किया। पत्रकारिता से इतर अपने सामाजिक सरोकारों के तहत श्री त्रिवेदी ने 1988 में भोपाल में श्री अरविंद विद्यालय की स्थापना की। आप श्री अरविंदो इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल सांइसेस, इंदौर के सह-संस्थापक और वाइस चेयरमैन भी हैं।

श्री त्रिवेदी उत्कृष्ट रिपोर्टर भी रहे हैं। संसदीय रिपोर्टिंग में विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1995-96 में पहले मप्र विधानसभा संसदीय उत्कृष्टता पुरस्कार, श्रेष्ठ संपादन के लिए 2002 में माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार, 2006 में जवाहरलाल यूथ सेंटर मध्यप्रदेश द्वारा राज्यस्तरीय राज भारद्वाज सम्मान, 2007 में सत्यनारायण तिवारी स्मृति सम्मान तथा 2013 फरवरी में उन्हें पत्रकारिता में स्व. विचित्र कुमार सिन्हा स्मृति उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया गया।

श्री त्रिवेदी मप्र शासन की कई महत्वपूर्ण समितियों में भी रहे हैं। वे स्वभाव से कवि और फुटबाल, क्रिकेट व बैडमिंटन के अच्छे खिलाड़ी भी रहे हैं। श्री त्रिवेदी ने वर्ष 1998 में कन्फेडरेशन आॅफ इंडियन इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में आयोजित दौरे के तहत लंदन में ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली का अध्ययन किया।

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